Uttar Pradesh News: संगम नगरी प्रयागराज के अरैल स्थित सोमेश्वर घाट पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीहनुमंत कथा के अंतिम दिन जनसैलाब उमड़ पड़ा। ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष और भगवा झंडों के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुओं के मतांतरण पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने मंच से स्पष्ट संदेश दिया कि हिंदुओं को किसी ‘चादर या फादर’ के पास जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि संकटमोचन हनुमान जी की शक्ति अटूट और सर्वोपरि है।
महाभारत के ‘कृष्ण’ नीतीश भारद्वाज ने की धर्म रक्षा की अपील
कथा के समापन सत्र में ‘महाभारत’ धारावाहिक में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता नीतीश भारद्वाज भी पहुंचे। उन्होंने व्यास पीठ को नमन करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म पर चौतरफा हमले हो रहे हैं, इसलिए फिर से धर्म रक्षा की महती आवश्यकता है। नीतीश भारद्वाज ने गीता के श्लोकों के माध्यम से समाज के चारों वर्गों के बीच समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के दिव्य दरबार को भटके हुए लोगों की ‘घर वापसी’ का एक सशक्त माध्यम बताया।
दुबई के कारोबारी शेख पहुंचे दरबार, धीरेंद्र शास्त्री ने दिया आशीर्वाद
इस आध्यात्मिक आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार से भी श्रद्धालु पहुंचे। दुबई के मशहूर कारोबारी डॉ. डीबी शेख ने आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भेंट की और उनका आशीर्वाद लिया। डॉ. शेख ने आचार्य के लोक कल्याणकारी कार्यों और सनातन धर्म के प्रचार की खुले दिल से सराहना की। धीरेंद्र शास्त्री ने भी गर्मजोशी के साथ उनका अभिनंदन किया, जो सामाजिक समरसता की एक अनूठी मिसाल बनकर उभरा।
दिव्य दरबार में खुला मलेशिया का राज, प्रेत बाधाओं पर चला ‘मंत्रास्त्र’
दिव्य दरबार के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी चमत्कारी शैली से भक्तों को हैरान कर दिया। उन्होंने एक महिला को उसके दामाद के बारे में बताते हुए कहा कि वह मलेशिया में है और उसके विचार बागेश्वर धाम के प्रति ठीक नहीं हैं। उन्होंने दामाद को फोन मिलाने तक की बात कह दी। इसके बाद पंडाल में तब अफरा-तफरी मच गई जब आचार्य के आह्वान पर कथित प्रेत बाधाओं से पीड़ित लोग झूमने और चिल्लाने लगे। अंत में हंसराज रघुवंशी के भजनों ने पूरे माहौल को भक्तिमय कर दिया।
