New Delhi News: भारत सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों को जल्द ही एक बड़ी खुशखबरी दे सकती है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए अटल पेंशन योजना में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। अब तक इस योजना के तहत अधिकतम पांच हजार रुपये मासिक पेंशन मिलती थी। अब सरकार इस सीमा को बढ़ाकर दस हजार रुपये प्रति माह करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इससे करोड़ों दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यवसायियों को बुढ़ापे में मजबूत आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
सरकार और पीएफआरडीए की नई योजना
वित्त मंत्रालय और पेंशन फंड नियामक मिलकर इस नए प्रस्ताव पर तेजी से काम कर रहे हैं। योजना की अधिकतम सीमा को आठ हजार से दस हजार रुपये के बीच रखा जा सकता है। वर्तमान में इस योजना में साठ साल के बाद अधिकतम पांच हजार रुपये की गारंटीड पेंशन मिलती है। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पेंशन राशि बढ़ने से यह योजना काफी आकर्षक बनेगी। यह अहम कदम लगातार बढ़ती महंगाई को देखकर उठाया जा रहा है।
योजना का विस्तार और नए लक्ष्य
अटल पेंशन योजना की शुरुआत मई 2015 में हुई थी। अब तक इसमें लगभग नौ करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। हाल ही में वित्त वर्ष 2025-26 में सबसे ज्यादा 1.35 करोड़ नए सदस्य इस योजना का हिस्सा बने हैं। सरकार का लक्ष्य नए सदस्यों को जोड़ना और पुराने सदस्यों को बनाए रखना है। इसके लिए ‘पेंशन सखी’ और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट के जरिए गांव-गांव तक योजना का प्रचार किया जा रहा है। सरकार इस योजना को देश के हर कोने तक पहुंचाना चाहती है।
क्या सरकारी खजाने पर पड़ेगा बोझ?
विशेषज्ञों का मानना है कि पेंशन की सीमा बढ़ने से सरकारी खजाने पर कोई भारी वित्तीय दबाव नहीं आएगा। यह एक निर्धारित-योगदान वाली योजना है। इसका मतलब है कि लाभार्थी अपने लिए स्वयं निवेश करते हैं और सरकार केवल गारंटी देती है। पिछले दिनों 26 जनवरी 2026 को कैबिनेट ने इस योजना को वित्त वर्ष 2031 तक जारी रखने की आधिकारिक मंजूरी भी दे दी है। सरकार इसके प्रचार और विकास के लिए फंड भी लगातार उपलब्ध करा रही है।
योजना से जुड़ने के मुख्य फायदे
अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक बड़ा वरदान है। इस नई वृद्धि से करोड़ों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इस महत्वपूर्ण योजना के कुछ प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं:
- यह योजना मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों को वित्तीय सुरक्षा देती है।
- साठ वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद आजीवन गारंटीड पेंशन मिलती है।
- लाभार्थी की अचानक मृत्यु पर उसके जीवनसाथी को पेंशन का लाभ मिलता है।
- यह योजना लोगों को बुढ़ापे में पूरी तरह से आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करती है।
