Delhi News: मशहूर रैपर यो यो हनी सिंह एक बार फिर अपने पुराने गाने ‘वॉल्यूम 1’ को लेकर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए गायक को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने हनी सिंह को याचिका में लगाए गए सभी गंभीर आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है। इस विवाद ने मनोरंजन जगत के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी नई बहस छेड़ दी है।
हिंदू शक्ति दल की याचिका और गंभीर आरोप
हिंदू शक्ति दल नामक संगठन ने कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर हनी सिंह पर आपत्तिजनक परफॉर्मेंस का आरोप लगाया है। याचिका के अनुसार, गायक ने इंदिरा गांधी स्टेडियम में करीब 50,000 लोगों की भीड़ के सामने विवादित गाना गाया। संगठन ने मांग की है कि इस गाने से जुड़े सभी डिजिटल लिंक इंटरनेट से तुरंत हटाए जाएं। उनका तर्क है कि सार्वजनिक मंचों पर ऐसी सामग्री समाज और युवाओं के लिए बेहद हानिकारक और अनुचित है।
हनी सिंह की टीम ने आरोपों को नकारा
हनी सिंह की कानूनी टीम ने कोर्ट में इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनके वकील ने दलील दी कि गायक ने किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में कोई आपत्तिजनक गाना नहीं गाया है। बचाव पक्ष ने जोर देकर कहा कि आरोप लगाने वाले संगठन के पास दावे की पुष्टि के लिए कोई ठोस ऑडियो या वीडियो सबूत नहीं है। वकील ने कोर्ट से कहा कि बिना साक्ष्य के ऐसे आरोप केवल कलाकार की छवि खराब करने के लिए लगाए जा रहे हैं।
कोर्ट का रुख और केंद्र सरकार को निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने न केवल हनी सिंह से जवाब मांगा है, बल्कि केंद्र सरकार को भी इस मामले में अपनी अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। अदालत जानना चाहती है कि आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। इस आदेश के बाद अब सरकार की भूमिका भी इस मामले में काफी अहम हो गई है।
क्या है ‘वॉल्यूम 1’ गाने का पुराना विवाद?
‘वॉल्यूम 1’ ट्रैक साल 2006 में रिलीज हुआ था, जिसमें हनी सिंह के साथ बादशाह भी नजर आए थे। यह गाना अपनी बोल्ड लिरिक्स की वजह से लंबे समय से विवादों के घेरे में रहा है। कोर्ट ने अब इस पुराने गाने के प्रसार पर भी प्रतिबंध लगाने संबंधी निर्देशों पर विचार शुरू कर दिया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह गाना भारतीय संस्कृति और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ है, इसलिए इसे इंटरनेट पर रहने का कोई हक नहीं है।
अगली सुनवाई और भविष्य की राह
हनी सिंह के प्रशंसक इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं। फैंस का मानना है कि जानबूझकर पुराने गानों को मुद्दा बनाकर कलाकारों को निशाना बनाया जाता है। दूसरी तरफ, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हलफनामे में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो गायक की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में इस चर्चित मामले की अगली सुनवाई 19 मई 2026 को निर्धारित की गई है। उस दिन सरकार और हनी सिंह दोनों की रिपोर्ट पर फैसला होगा।


