Entertainment News: भारतीय टेलीविजन पर आज भले ही ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ और ‘भाबीजी घर पर हैं’ जैसे शोज का राज है। लेकिन एक दौर ऐसा था जब दूरदर्शन के कॉमेडी सीरियल्स दर्शकों की पहली पसंद हुआ करते थे। सास-बहू के ड्रामे से दूर लोग हल्के-फुल्के मनोरंजन की तलाश में रहते थे। ऐसे में साल 2005 में शुरू हुए एक खास सिटकॉम ने लोगों के दिलों में जगह बनाई। इस शो का नाम था ‘हरी मिर्ची लाल मिर्ची’, जिसने अपनी मजेदार कहानी से सबको खूब गुदगुदाया।
21 साल पुराना वो सुपरहिट सिटकॉम
यह शो साल 2005 से 2009 तक दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था। लगभग चार सालों तक चले इस सीरियल के हर एपिसोड की अवधि 20 से 22 मिनट की होती थी। उस समय दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत जैसे पौराणिक शोज के बीच यह एक ताजी हवा के झोंके जैसा था। इसे उस दौर का सबसे बेहतरीन सिटकॉम माना जाता है। शो की अनोखी कहानी और बेहतरीन डायलॉग डिलीवरी ने इसे अन्य कॉमेडी कार्यक्रमों से बिल्कुल अलग खड़ा किया।
दो पत्नियों के बीच फंसे रोहन की दास्तां
सीरियल की कहानी मुख्य पात्र रोहन के इर्द-गिर्द घूमती है। रोहन एक खुशमिजाज इंसान है जो अपनी दो पत्नियों के बीच बुरी तरह फंस जाता है। उसकी पहली पत्नी स्वभाव में तीखी और तेज हरी मिर्च की तरह है। वहीं दूसरी पत्नी आग उगलने वाली लाल मिर्च जैसी है। रोहन अपनी पहली पत्नी से परेशान होकर अपनी सेक्रेटरी से शादी कर लेता है। लेकिन जल्द ही उसे एहसास होता है कि वह एक मुसीबत से निकलकर दूसरी बड़ी मुसीबत में फंस चुका है।
रोहन की मुश्किलें और मजेदार हालात
कहानी में रोहन एक तरफ हमेशा शिकायत करने वाली पत्नी से परेशान रहता है। दूसरी तरफ उसकी उदासीन एक्स-वाइफ उसे चैन से जीने नहीं देती। इन तीनों के बीच होने वाले झगड़े और संवाद दर्शकों को लोटपोट कर देते थे। शो में कई अन्य सहायक किरदार भी थे जो कॉमेडी के तड़के को और बढ़ा देते थे। इन किरदारों का आपसी मेल और उनके बीच की खींचतान ही इस शो की असली जान थी।
नीरू बाजवा का हिंदी टीवी से पंजाबी सिनेमा तक का सफर
इस सुपरहिट शो को IMDb पर 9 की शानदार रेटिंग मिली है। इसकी स्टार कास्ट में तुषार दलवी, सुचेता खन्ना, शालिनी कपूर और नीरू बाजवा शामिल थे। नीरू बाजवा ने इसी शो के जरिए हिंदी टेलीविजन में अपनी पहचान बनाई थी। आज नीरू को ‘क्वीन ऑफ पंजाबी सिनेमा’ कहा जाता है। उन्होंने ‘जट्ट एंड जूलियट’ और ‘सरदार जी’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। उनके करियर की शुरुआत इसी छोटे पर्दे के यादगार कॉमेडी शो से हुई थी।
आज भी यादगार हैं दूरदर्शन के ये किरदार
दूरदर्शन के उस दौर में कंटेंट की गुणवत्ता पर काफी ध्यान दिया जाता था। ‘हरी मिर्ची लाल मिर्ची’ जैसे शोज आज भी याद किए जाते हैं क्योंकि इनकी कहानी में सादगी थी। आज के शोर-शराबे वाले कॉमेडी शोज के मुकाबले लोग इस क्लासिक शो को फिर से देखना पसंद करते हैं। नीरू बाजवा जैसी बड़ी कलाकार ने भी इस मंच का बखूबी इस्तेमाल किया। उनके शानदार अभिनय और मजेदार पटकथा ने इस सीरियल को भारतीय टीवी इतिहास में अमर बना दिया है।


