Mumbai News: सपनों और हकीकत की जद्दोजहद को दर्शाती मशहूर वेब सीरीज ‘सपने वर्सेज एवरीवन’ का दूसरा सीजन ओटीटी पर दस्तक दे चुका है। यह सीरीज उन युवाओं की कहानी है जो अपनी आंखों में बड़े ख्वाब लेकर असलियत के बेरहम समंदर में गोता लगाते हैं। सीरीज का नाम ही यह साफ कर देता है कि सफलता की राह में अक्सर पूरी दुनिया और कभी-कभी अपने ही लोग बाधा बन जाते हैं। इस बार कहानी का फलक पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और भावनात्मक संघर्षों से भरपूर नजर आ रहा है।
प्रशांत और जिम्मी के दो अलग संसार
सीरीज की कहानी दो दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी मंजिल पाने के लिए अलग-अलग रास्तों पर संघर्ष कर रहे हैं। प्रशांत (परमवीर सिंह चीमा) एक महत्वाकांक्षी अभिनेता है जो सिनेमा की चकाचौंध के पीछे छिपे अंधेरे और इंडस्ट्री की राजनीति से लड़ रहा है। दूसरी ओर, जिम्मी (अंबरीश वर्मा) रियल एस्टेट की दुनिया का बादशाह बनने का सपना देखता है। जिम्मी की सबसे बड़ी चुनौती उसके अपने ही रिश्तेदार हैं, जो उसे बाजार में सफल होते हुए नहीं देखना चाहते और लगातार मुश्किलें खड़ी करते हैं।
अभिनय और किरदारों की गहराई
अभिनय के मोर्चे पर परमवीर सिंह चीमा ने प्रशांत के किरदार में बेबसी और जुझारूपन को बखूबी उतारा है। वहीं, अंबरीश वर्मा ने जिम्मी के रूप में अपने स्वैग और इमोशन्स का शानदार संतुलन दिखाया है। सहायक कलाकारों में विजयंत कोहली का काम बेहद प्रभावशाली है, जबकि नवीन कौशिक का कैमियो फैंस के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है। टीवीएफ (TVF) की परंपरा के अनुसार, इस सीरीज में भी किरदारों को बेहद साधारण और आम आदमी की तरह पेश किया गया है, जो दर्शकों को जोड़ता है।
निर्देशन और कहानी की बुनावट
निर्देशक ने दो अलग-अलग कहानियों को समानांतर (Parallel) चलाते हुए दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखी है, जो कि एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। सीरीज का संगीत और कहानी कहने का अंदाज काफी परिपक्व है। प्रशांत की कहानी के जरिए फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी लोगों (Outsiders) के संघर्ष और वहां की कड़वी सच्चाई को ईमानदारी से दिखाया गया है। हालांकि, कुछ मौकों पर कहानी की गति धीमी पड़ती है और लव स्टोरी जैसे कुछ हिस्सों को जबरदस्ती खींचा गया महसूस होता है, जिससे एपिसोड की लंबाई बढ़ गई है।
क्या आपको यह सीरीज देखनी चाहिए?
अगर आप यथार्थवादी कहानियों और गहराई वाले किरदारों को पसंद करते हैं, तो यह सीरीज आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। टीवीएफ ने एक बार फिर साबित किया है कि वे आम जिंदगी की जटिलताओं को स्क्रीन पर उतारने में माहिर हैं। कुछ खामियों के बावजूद, यह सीरीज हमें सिखाती है कि सपनों को पूरा करने के लिए अपनों और खुद के अंदर के डर से लड़ना कितना जरूरी है। प्रशांत और जिम्मी की यह यात्रा हर उस इंसान को अपनी लगेगी जिसने कभी कुछ बड़ा करने का ख्वाब देखा है।


