नेटफ्लिक्स की ‘ग्लोरी’ में दिखेंगे मुन्ना भैया और पुलकित सम्राट, करण अंशुमान के निर्देशन में भाइयों का अनोखा ‘बॉक्सिंग’ ड्रामा

Entertainment News: ओटीटी की दुनिया के दो दिग्गज कलाकार दिव्येंदु शर्मा और पुलकित सम्राट अब एक साथ नेटफ्लिक्स की नई वेब सीरीज ‘ग्लोरी’ (Glory) में नजर आने वाले हैं। इस सीरीज का निर्देशन ‘मिर्जापुर’ और ‘बैंगिस्तान’ फेम करण अंशुमान ने किया है। सीरीज की कहानी बॉक्सिंग, पारिवारिक रिश्तों और भावनाओं के इर्द-गिर्द बुनी गई है। शो में दिव्येंदु और पुलकित सगे भाइयों की भूमिका में हैं, जिनके बीच का संघर्ष और तालमेल दर्शकों को एक अलग अनुभव देगा।

करण अंशुमान और दिव्येंदु की हिट जोड़ी की वापसी

‘मिर्जापुर’ की जबरदस्त सफलता के बाद दिव्येंदु ने करण अंशुमान से दोबारा साथ काम करने की इच्छा जताई थी। दिव्येंदु ने बताया कि करण एक बेहतरीन कहानी लिख रहे थे जिसमें थ्रिलर और इमोशन का तड़का था। जब ‘ग्लोरी’ की स्क्रिप्ट तैयार हुई, तो दिव्येंदु को लगा कि यह वापसी का सबसे शानदार मौका है। करण के साथ काम करने का उनका पुराना अनुभव और आपसी विश्वास इस सीरीज में भी साफ झलकता है।

बॉक्सिंग रिंग के लिए पुलकित सम्राट की कड़ी तपस्या

पुलकित सम्राट ने इस सीरीज के लिए अपनी शारीरिक सीमाओं को चुनौती दी है। उन्होंने बताया कि एक बॉक्सर का किरदार निभाना केवल अभिनय नहीं, बल्कि उस जीवन को जीना है। इसके लिए उन्हें एथलीट की तरह कड़ी फिजिकल ट्रेनिंग लेनी पड़ी और बॉक्सिंग की बारीकियां सीखनी पड़ीं। पुलकित के अनुसार, रवि का किरदार निभाने के लिए उन्हें अपने भीतर के डार्क थॉट्स और कड़वी यादों का सामना करना पड़ा ताकि वह भावनाओं को पर्दे पर उतार सकें।

‘देव’ के किरदार के लिए भीतर जलते रहे दिव्येंदु शर्मा

दिव्येंदु ने अपने किरदार ‘देव’ को एक धधकते हुए ज्वालामुखी की तरह बताया है। उन्होंने कहा कि यह किरदार मानसिक रूप से बहुत थका देने वाला था क्योंकि देव के भीतर अपने पिता और अतीत को लेकर बहुत सारा ट्रॉमा और डार्कनेस थी। शूटिंग के दौरान वह हर दिन एक आंतरिक जलन महसूस करते थे। दिव्येंदु ने बताया कि शूटिंग खत्म होने पर उन्हें ऐसा लगा जैसे जलते हुए कोयले पर किसी ने पानी डाल दिया हो।

असली जिंदगी में क्या है ‘ग्लोरी’ के मायने?

सीरीज में ग्लोरी का अर्थ त्याग और कष्ट बताया गया है, लेकिन असल जिंदगी में दोनों सितारों के विचार अलग हैं। दिव्येंदु के लिए ‘ग्लोरी’ अपनी शर्तों पर काम करना और एक बनी-बनाई इमेज से निकलकर नया किरदार निभाना है। वहीं, पुलकित सम्राट का मानना है कि ग्लोरी वह मुकाम है जहाँ दुनिया आपकी तुलना दूसरों से करना बंद कर दे और दूसरों को आपकी तरह बनने की मिसाल देने लगे।

पुलकित और दिव्येंदु ने एक-दूसरे के बारे में किए खुलासे

सेट पर काम करते हुए दोनों कलाकारों के बीच बेहतरीन बॉन्डिंग देखने को मिली। दिव्येंदु ने पुलकित की संवेदनशीलता और दूसरों की परवाह करने की आदत की तारीफ की। वहीं, पुलकित ने दिव्येंदु को एक स्पष्टवादी और सुलझा हुआ इंसान बताया। पुलकित के अनुसार, दिव्येंदु का सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है और वे बिना किसी लाग-लपेट के रचनात्मक आलोचना करते हैं, जिससे काम करने का माहौल बहुत ही पारदर्शी और सहज बना रहता है।

Hot this week

Related News

Popular Categories