Maharashtra News: हिंदी सिनेमा के इतिहास में संगीत की एक अहम भूमिका रही है, लेकिन कुछ गीतों ने अपनी सीमाओं को लांघकर बड़े विवादों को जन्म दिया। साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘अंदाज’ का एक गाना ‘ये माल गाड़ी तू धक्का लगा’ इसी श्रेणी में आता है। लगभग 31 साल पहले आए इस गाने ने देश भर में अश्लीलता की परिभाषा पर एक तीखी बहस छेड़ दी थी। दिग्गज गायकों की आवाज और सुपरस्टार्स की मौजूदगी के बावजूद, इसके द्विअर्थी (Double Meaning) बोलों ने इसे विवादों के केंद्र में ला खड़ा किया था।
अश्लीलता के आरोपों के बीच सेंसर बोर्ड में मचा था बवाल
निर्देशक डेविड धवन की इस फिल्म के गाने ‘ये माल गाड़ी’ के बोल इतने विवादित थे कि रिलीज होते ही महिला संगठनों ने मोर्चा खोल दिया था। संगठनों का तर्क था कि यह गीत महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है और समाज में अश्लीलता परोस रहा है। मामला सेंसर बोर्ड तक जा पहुंचा और इसे प्रतिबंधित करने की मांग जोर-शोर से उठी। 90 के दशक में ऐसे गानों की बाढ़ सी आ गई थी, लेकिन इस विशेष गीत ने अपनी बोल्डनेस और डांस स्टेप्स के कारण सारी हदें पार कर दी थीं।
बप्पी दा का संगीत और अनिल-जूही की परफॉर्मेंस
इस चर्चित गाने को मशहूर संगीतकार बप्पी लहरी ने कंपोज किया था, जबकि इसके बोल गीतकार इंदीवर ने लिखे थे। फिल्म के मुख्य कलाकार अनिल कपूर और जूही चावला ने इस पर परफॉर्म किया था। कविता कृष्णमूर्ति और विनोद राठौर की आवाज में सजे इस गाने के डांस स्टेप्स को भी समाज के एक बड़े वर्ग ने आपत्तिजनक माना था। हालांकि, सिनेमाघरों में इस गाने पर दर्शकों ने खूब सीटियां बजाईं, लेकिन सार्वजनिक स्तर पर फिल्म निर्माताओं को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
विवादों के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर फिल्म रही हिट
तमाम विरोध प्रदर्शनों और प्रतिबंध की मांगों के बीच ‘अंदाज’ फिल्म ने सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन किया। फिल्म में अनिल कपूर, जूही चावला के साथ करिश्मा कपूर और राज बब्बर भी मुख्य भूमिकाओं में थे। विवादों ने एक तरह से फिल्म की चर्चा को और बढ़ा दिया, जिससे यह बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई। समय के साथ यह विवाद भले ही ठंडा पड़ गया हो, लेकिन आज भी जब बॉलीवुड के सबसे अश्लील गानों की सूची बनती है, तो इस गाने का नाम सबसे ऊपर आता है।
90 के दशक के ‘डबल मीनिंग’ गानों का दौर
फिल्म ‘अंदाज’ का यह गाना उस दौर की याद दिलाता है जब बॉलीवुड फिल्मों में गानों को हिट कराने के लिए विवादित शब्दों का सहारा लिया जाता था। ‘खलनायक’ का ‘चोली के पीछे’ और ‘खुद्दार’ का ‘सेक्सी सेक्सी’ जैसे गाने भी इसी दौर की पैदाइश थे। ‘ये माल गाड़ी’ ने मनोरंजन के नाम पर परोसी जाने वाली अश्लीलता और रचनात्मक स्वतंत्रता के बीच की महीन रेखा को धुंधला कर दिया था। आज के डिजिटल युग में भी यह गाना अपनी पुरानी यादों और विवादों के कारण इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना रहता है।
