Maharashtra News: भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में शुमार स्मिता पाटिल की जिंदगी किसी फिल्मी ट्रेजेडी से कम नहीं थी। उन्होंने एक शादीशुदा शख्स, राज बब्बर के प्यार में पड़कर न केवल समाज की बल्कि अपने परिवार की नाराजगी भी मोल ली थी। राज बब्बर के प्रति उनकी बेइंतहा मोहब्बत ने उन्हें जीवन के आखिरी पड़ाव पर गहरा अकेलापन दिया। मात्र 31 साल की उम्र में, अपने बेटे प्रतीक बब्बर के जन्म के कुछ ही दिनों बाद, उन्होंने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।
अकेलेपन और सामाजिक बहिष्कार के बीच बीता आखिरी वक्त
स्मिता पाटिल और राज बब्बर का रिश्ता 1980 के दशक में सबसे चर्चित और विवादास्पद रहा। राज बब्बर पहले से ही नादिरा बब्बर के साथ वैवाहिक जीवन में थे और उनके बच्चे भी थे। इस रिश्ते की वजह से स्मिता को कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उनकी करीबी दोस्त अरुणा राजे बताती हैं कि उस दौर में स्मिता के अपने दोस्त और परिवार के लोग भी उनसे दूर हो गए थे। अभिनेत्री ने अपने जीवन के अंतिम दिन भारी मानसिक तनाव और अकेलेपन में गुजारे थे।
अरुणा राजे ने बयां किया उस मनहूस रात का मंजर
फिल्ममेकर अरुणा राजे ने स्मिता पाटिल की आखिरी रात का दिल दहला देने वाला किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर 1986 की उस रात करीब 3 बजे स्मिता की मां के ड्राइवर ने उन्हें सूचना दी थी। जसलोक अस्पताल पहुंचने पर स्मिता की हालत शब्दों में बयान नहीं की जा सकती थी। अरुणा के अनुसार, वह यह देख पा रही थीं कि स्मिता अब कभी वापस नहीं लौटेंगी। उनकी मां पूरी तरह टूट चुकी थीं, लेकिन नवजात प्रतीक की खातिर उन्हें खुद को संभालना पड़ा।
अधूरे खत और राज बब्बर के लिए गहरा प्रेम
स्मिता पाटिल ने अपनी मृत्यु से पहले कई ऐसे पत्र लिखे थे, जो राज बब्बर के लिए उनके समर्पण को दिखाते हैं। उन खतों में वह दर्द और तड़प साफ झलकती है, जिसे उन्होंने समाज की नजरों से छिपाकर रखा था। 28 नवंबर को बेटे प्रतीक के जन्म के बाद प्रसव संबंधी जटिलताओं (Post-pregnancy complications) ने उन्हें घेर लिया था। 13 दिसंबर 1986 को विरासत के रूप में अपनी फिल्में और एक छोटा बच्चा छोड़कर वह हमेशा के लिए खामोश हो गईं।
फिल्म जगत की एक बेमिसाल और साहसी अभिनेत्री
राज बब्बर और स्मिता पाटिल ने साल 1983 में शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता समाज की नजरों में कभी सहज नहीं रहा। पेशेवर तौर पर स्मिता एक अत्यंत सीधी-सादी और हंसमुख इंसान थीं, लेकिन उनकी निजी जिंदगी ने उन्हें बहुत गहरे जख्म दिए। आज भी बॉलीवुड में उनकी और राज बब्बर की प्रेम कहानी को एक ऐसी दास्तां के रूप में याद किया जाता है, जिसमें प्यार तो बहुत था, लेकिन उसका अंत बेहद दर्दनाक और असमय रहा।


