Himachal News: हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर सदर पुलिस ने जाली करंसी के एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पंजाब से ताल्लुक रखने वाले दो मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह राणा की अगुवाई में पुलिस टीम ने शुक्रवार को बिलासपुर में अचानक दबिश दी। इस दौरान दोनों आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया गया। ये आरोपी बिलासपुर के बाजारों में भी नकली नोट खपाने की फिराक में थे।
पंजाब के शातिर ठगों से भारी मात्रा में जाली नोट बरामद
पकड़े गए दोनों शातिर अपराधी पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर इन्हें काबू किया और इनके पास से भारी मात्रा में नकली करंसी बरामद की है। शुरुआती तलाशी में पुलिस को 200 रुपए के 33 और 500 रुपए के 16 जाली नोट मिले हैं। पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि ये दोनों लंबे समय से इस काले कारोबार में सक्रिय हैं। पुलिस इनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है।
एक बुजुर्ग दुकानदार की शिकायत से खुला राज
जाली नोटों का यह सनसनीखेज मामला 10 अप्रैल को सामने आया था। हमीरपुर के लोहारड़ा में एक बुजुर्ग दुकानदार को 200 रुपए का जाली नोट थमाकर ठगी की गई थी। इस घटना के बाद सदर पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष रणनीति बनाई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांची और तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस आरोपियों की लोकेशन ट्रैक करने और उन्हें गिरफ्तार करने में कामयाब रही।
प्रदेश में सक्रिय हो सकता है एक बड़ा नेटवर्क
हमीरपुर के एएसपी राजेश उपाध्याय ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अभी जांच के शुरुआती दौर में है, इसलिए अधिक जानकारी गुप्त रखी जा रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद हिमाचल प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में सक्रिय जाली नोटों के एक बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है। पुलिस इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
कड़े सुरक्षा पहरे में कोर्ट में पेशी और फोरेंसिक जांच
शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। इस दौरान पूरा हमीरपुर शहर पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सादे कपड़ों में कोर्ट परिसर की निगरानी कर रहे थे। बरामद किए गए जाली नोटों को गहन जांच के लिए फोरेंसिक टीम को सौंप दिया गया है। शिमला से भी उच्चाधिकारी इस मामले पर नजर रखने और जांच में सहयोग देने के लिए हमीरपुर पहुंचे हैं।
