New Delhi News: दिल्ली के सबसे व्यस्त बाजार चांदनी चौक से डेढ़ वर्षीय मासूम के अपहरण की सनसनीखेज वारदात को कोतवाली थाना पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने न केवल बच्चे को सकुशल बरामद किया, बल्कि पश्चिम बंगाल के रहने वाले शातिर अपराधी मोहम्मद फिरोज को भी गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी पहले भी चोरी और आर्म्स एक्ट जैसे नौ गंभीर मामलों में शामिल रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सटीक मैपिंग के जरिए पांच दिनों के भीतर खजूरी खास इलाके से मासूम को ढूंढ निकाला।
20 हजार रुपये के लालच में उठाया बच्चा
पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस अपहरण के पीछे ‘काली’ नाम की एक महिला का हाथ है। आरोपी फिरोज, जो ई-रिक्शा चलाता है, उसकी मुलाकात काली से कश्मीरी गेट के हनुमान मंदिर में हुई थी। महिला ने फिरोज को लालच दिया था कि यदि वह बच्चे को पांच-छह दिनों तक छिपाकर रखेगा, तो उसे 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद उनका इरादा मासूम को किसी संभावित खरीदार को मोटी रकम में बेचने का था।
सीसीटीवी कैमरों ने खोला अपहरण का राज
19 अप्रैल की शाम जब पीड़ित महिला ने बच्चे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, तो डीसीपी राजा बांठिया के नेतृत्व में पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक महिला और पुरुष बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने करीब पांच दिनों तक सैकड़ों कैमरों की फुटेज का बारीकी से पीछा किया। जांच में पता चला कि आरोपी उसी दिन सुबह से ही चांदनी चौक इलाके में किसी बच्चे को निशाना बनाने के लिए रेकी कर रहे थे।
फरार महिला की तलाश में जुटी पुलिस
मोहम्मद फिरोज सिलीगुड़ी का रहने वाला है और वह तीन मामलों में घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) भी रह चुका है। उसने बच्चे को खजूरी खास में अपने एक दोस्त के किराए के कमरे में छिपाकर रखा था। पुलिस ने आरोपी को दबोचकर बच्चे को उसकी मां के हवाले कर दिया है, जिससे परिवार में खुशी का माहौल है। हालांकि, मुख्य साजिशकर्ता महिला आरोपी काली अभी भी फरार है। पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए दिल्ली और आसपास के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
