Jehanabad News: बिहार के जहानाबाद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां दूल्हे को अपनी शादी में शराब का नशा करना बेहद भारी पड़ गया। सात फेरे लेने आए दूल्हे को बिना दुल्हन के ही बारात लेकर वापस लौटना पड़ा। रविवार रात पटना के शास्त्री नगर (पुनाईचक) से रंजन कुमार की बारात ओकरी थाना क्षेत्र के देउरा मठ गांव पहुंची थी। दूल्हा शुरुआत से ही नशे में धुत था, जिसके चलते शादी की खुशियां चंद पलों में मातम और हंगामे में बदल गईं।
दरवाजे पर लड़खड़ाए कदम तो खुला राज
ग्रामीणों के मुताबिक, दूल्हा बारात आने के पहले से ही नशे में था और जनवासे में ठहरने के दौरान भी उसने शराब का सेवन किया। इतना ही नहीं, वह सबके सामने लगातार गुटखा खाकर अभद्र व्यवहार कर रहा था। लड़की पक्ष के लोग काफी देर तक उसकी हरकतों को नजरअंदाज करते रहे। लेकिन हद तब हो गई जब दूल्हे को ‘परछावन’ के लिए दरवाजे पर लाया गया। वहां वह नशे की हालत में बुरी तरह लड़खड़ाने लगा और अपना संतुलन खो बैठा।
नशेड़ी से शादी मतलब बर्बादी: पिता
दूल्हे की ऐसी हालत देख दुल्हन और उसके परिवार के सब्र का बांध टूट गया। लड़की के पिता नागेंद्र राय ने तुरंत शादी से इनकार कर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि उनकी तीसरी बेटी की शादी है और एक नशेड़ी लड़के को बेटी सौंपने का मतलब उसका पूरा जीवन बर्बाद करना है। पिता ने बताया कि तिलक के समय लड़का ठीक लग रहा था, लेकिन शादी के दिन उसका असली चेहरा सामने आ गया। इसके बाद लड़की पक्ष ने शादी की रस्में बीच में ही रोक दीं।
बारातियों को बनाया बंधक, सामान की हुई वापसी
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और लड़की पक्ष ने दूल्हे समेत पूरी बारात को घंटों बंधक बनाए रखा। सोमवार सुबह जब पुलिस को इसकी भनक लगी, तो मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया गया। काफी मान-मनौव्वल के बाद भी लड़की पक्ष शादी के लिए तैयार नहीं हुआ। अंत में आपसी सहमति बनी कि तिलक और उपहार में दिया गया सारा सामान लौटाया जाएगा। इसके बाद दूल्हा और उसके बाराती बिना दुल्हन के अपमानित होकर वापस लौट गए।
