Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पालमपुर स्थित चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय में आगामी 30 अप्रैल का दिन बेहद ऐतिहासिक होने वाला है। विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। संस्थान के लगभग 50 साल के गौरवशाली इतिहास में यह पहला मौका है, जब देश का कोई राष्ट्रपति छात्रों को उपाधियां प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर अपनी सभी तैयारियां तेज कर दी हैं।
मेधावी छात्रों को राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा स्वर्ण पदक
इस भव्य दीक्षांत समारोह के दौरान 1 सितंबर 2018 से 31 अगस्त 2023 के बीच अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसमें स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट (Ph.D) स्तर के सफल छात्र शामिल होंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मेधावी छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से डिग्री और स्वर्ण पदक सौंपेंगी। विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों और शोधार्थियों के बीच भारी उत्साह और गर्व का माहौल देखा जा रहा है।
तैयारियों के लिए बनी 20 से अधिक विशेष कमेटियां
राष्ट्रपति के आगमन और समारोह की गरिमा को देखते हुए विश्वविद्यालय ने व्यापक सुरक्षा और प्रबंधकीय इंतजाम किए हैं। सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने 20 से अधिक विशेष समितियों का गठन किया है। ये समितियां सुरक्षा, बैठक व्यवस्था और प्रोटोकॉल जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की निगरानी करेंगी। कार्यक्रम को त्रुटिहीन बनाने के लिए समारोह से पहले एक पूर्ण रिहर्सल भी आयोजित की जाएगी। इसमें सभी अधिकारी और संबंधित स्टाफ हिस्सा लेंगे ताकि किसी प्रकार की कमी न रहे।
छात्रों के लिए ड्रेस कोड और गूगल फॉर्म अनिवार्य
विश्वविद्यालय ने उपाधि धारकों के लिए कुछ कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने वाले छात्रों को अपनी सहमति विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद गूगल फॉर्म के माध्यम से देनी होगी। इसके अलावा, दीक्षांत समारोह के लिए एक विशेष ‘ड्रेस कोड’ निर्धारित किया गया है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित पोशाक के बिना किसी भी छात्र को दीक्षांत समारोह में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पांच दशक बाद फिर बनेगा ऐतिहासिक रिकॉर्ड
कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की नींव 1 नवंबर, 1978 को रखी गई थी। उस उद्घाटन समारोह के समय तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उस समय हिमाचल के मुख्यमंत्री शांता कुमार थे। अब लगभग पांच दशकों के लंबे इंतजार के बाद दोबारा किसी राष्ट्रपति की उपस्थिति इस संस्थान की उपलब्धियों में नया अध्याय जोड़ेगी। यह आयोजन न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
