Mandi News: हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का एक बड़ा फैसला रंग ला रहा है। प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम लागू करने का साहसिक कदम उठाया है, जिसे जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। जिला मंडी के 23 चयनित सरकारी स्कूलों में इस नए सत्र से सीबीएसई बोर्ड के तहत दाखिले शुरू हो चुके हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 12,000 से अधिक छात्र इन स्कूलों में प्रवेश ले चुके हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है।
जोगिंदरनगर और करसोग में उमड़ा जनसैलाब
प्रवेश प्रक्रिया के आंकड़ों पर नजर डालें तो जोगिंदरनगर और करसोग के स्कूलों ने एक हजार का आंकड़ा पार कर लिया है। अकेले जोगिंदरनगर में 1050 और करसोग में 1031 बच्चों ने दाखिला लिया है। अन्य प्रमुख केंद्रों जैसे सुंदरनगर में 595, सरकाघाट में 529 और मंडी शहर में 646 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। ग्रामीण क्षेत्रों जैसे बालीचौकी और कोटली में भी नामांकन क्रमशः 769 और 773 तक पहुंच गया है। यह उत्साह दर्शाता है कि अभिभावक अब सरकारी शिक्षा पर फिर से भरोसा जता रहे हैं।
बाल वाटिका से 12वीं तक भारी मांग
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बाल वाटिका (प्री-प्राइमरी) से लेकर जमा दो तक की कक्षाओं में प्रवेश की व्यवस्था की है। प्राथमिक स्तर पर बाल वाटिका एक से तीन तक करीब 900 नौनिहालों ने प्रवेश पाया है। सबसे अधिक भीड़ उच्च कक्षाओं में देखी जा रही है, जहां जमा एक में 1862 और जमा दो में 1873 छात्र पंजीकृत हुए हैं। छठी से दसवीं तक की कक्षाओं में भी औसतन एक हजार से अधिक छात्रों ने दाखिला लिया है। सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधरने से निजी स्कूलों का एकाधिकार अब खत्म होता दिख रहा है।
महंगी फीस से मिली राहत, अभिभावकों ने जताया आभार
निजी स्कूलों की बेतहाशा फीस से परेशान अभिभावकों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। मंडी की आसमा फ़ातुन और नगीना कुमारी जैसे कई अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देना चाहते थे, लेकिन आर्थिक तंगी बाधा बन रही थी। अब सरकारी स्कूलों में मुफ्त या सुलभ दरों पर सीबीएसई बोर्ड की पढ़ाई संभव हो गई है। जोगिंदरनगर के अभिभावकों ने भी मुख्यमंत्री के इस दूरदर्शी निर्णय की सराहना की है। बच्चों का कहना है कि वे अब बिना किसी वित्तीय बोझ के राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे।
प्रवेश की अंतिम तिथि और विभागीय तैयारी
उप निदेशक उच्च शिक्षा यशवीर धीमान ने बताया कि प्रवेश की प्रक्रिया विलंब शुल्क के साथ 30 अप्रैल तक जारी रहेगी। नामांकन में भारी वृद्धि को देखते हुए विभाग ने विशेष तैयारी की है। यदि किसी कक्षा में छात्रों की संख्या 40 से अधिक होती है, तो तुरंत नया सेक्शन बनाया जाएगा। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पात्र बच्चे को दाखिले से वंचित न रखा जाए। इच्छुक अभिभावक अपने बच्चों के पहचान दस्तावेज और स्थानांतरण प्रमाण पत्र (SLC) लेकर संबंधित स्कूलों में संपर्क कर सकते हैं।
