India Gold News: भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 13 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंताओं और ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता की सुगबुगाहट के बीच निवेशकों ने कीमती धातुओं में भारी निवेश किया है। इस कारण 24 कैरेट सोने की कीमत कल के 1,53,980 रुपये से बढ़कर आज 1,67,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई है।
हिमाचल के प्रमुख शहरों में सोने का ताजा भाव
हिमाचल प्रदेश के पर्यटन केंद्रों और शहरों में भी सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। राजधानी शिमला में आज 24 कैरेट सोने की प्रति ग्राम कीमत 15,409 रुपये दर्ज की गई है। वहीं, आभूषणों के लिए सबसे ज्यादा मांग वाले 22 कैरेट सोने का भाव 14,115 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गया है। इसके अलावा 18 कैरेट सोना आज शिमला में 11,557 रुपये प्रति ग्राम की दर से बिक रहा है।
कुल्लू और मनाली में निवेशकों की बढ़ी हलचल
कुल्लू और मनाली जैसे क्षेत्रों में भी सोने के भाव आसमान छू रहे हैं, जिससे खरीदारों के बीच खलबली मची है। आज कुल्लू में 24 कैरेट सोने का भाव 15,224 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर खुला है। यहां 22 कैरेट सोने की कीमत 13,945 रुपये और 18 कैरेट की कीमत 11,418 रुपये प्रति ग्राम चल रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) के अनुसार, कीमतों में यह उछाल वैश्विक बाजार के दबाव का परिणाम है।
इन कारणों से कीमतों में आई भारी तेजी
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में इस अचानक आई भारी वृद्धि के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। वैश्विक महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ मोड़ा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चल रहे उतार-चढ़ाव और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बदलते संबंधों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। ज्वेलरी ब्रांडों ने भी मांग और आपूर्ति के अंतर को देखते हुए रेट बढ़ा दिए हैं।
आगामी दिनों के लिए बाजार का अनुमान
आने वाले दिनों में धर्मशाला, मैक्लोडगंज, कसोल और स्पीति वैली जैसे इलाकों में भी कीमतों में इसी तरह का रुख रहने की संभावना है। डलहौजी और लाहौल-स्पीति के बाजारों में भी सोने की मांग स्थिर बनी हुई है, लेकिन ऊंचे दामों ने आम ग्राहकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह स्थिर नहीं होतीं, तब तक कीमतों में यह अस्थिरता और तेजी बरकरार रह सकती है।

