भारत के लिए बढ़ा खतरा? पाकिस्तान ने चुपके से किया खतरनाक ‘फतह-2’ मिसाइल का सफल परीक्षण

Pakistan News: पाकिस्तान की सेना ने मंगलवार को अपने स्वदेशी ‘फतह-II’ मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण कर दक्षिण एशिया में हलचल बढ़ा दी है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग के अनुसार, यह आधुनिक गाइडेड आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम उन्नत एवियोनिक्स और सटीक नेविगेशन उपकरणों से लैस है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस मिसाइल के जरिए अपनी मारक क्षमता को धार दे रहा है। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बरकरार है।

दिल्ली को निशाना बनाने वाली मिसाइल का नया अवतार

बीते साल मई में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ चार दिनों तक चले संघर्ष के दौरान इसी मिसाइल का इस्तेमाल किया था। उस समय पाकिस्तानी सेना ने इसे दिल्ली की ओर दागा था, लेकिन भारतीय वायुसेना ने हरियाणा के ऊपर इसे सफलतापूर्वक मार गिराया था। भारत ने ‘बराक-8’ डिफेंस सिस्टम के जरिए इस खतरे को हवा में ही खत्म कर दिया था। अब पाकिस्तान इस मिसाइल को और अधिक शक्तिशाली और अचूक बनाने की कोशिश में जुटा है।

आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड ने संभाली ट्रेनिंग लॉन्च की कमान

इस महत्वपूर्ण ट्रेनिंग लॉन्च का सफल संचालन पाकिस्तान की नवनिर्मित ‘आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड’ ने किया है। पिछले साल अगस्त में ही पाकिस्तान ने अपनी मिसाइल और रॉकेट क्षमताओं को एक छत के नीचे लाने के लिए इस विशेष यूनिट को बनाया था। इस परीक्षण के दौरान सेना के स्ट्रेटेजिक प्लान्स डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारी और अनुभवी वैज्ञानिक मौजूद रहे। पाकिस्तान का मुख्य उद्देश्य भारत के रणनीतिक बुनियादी ढांचे तक अपनी पहुंच को और अधिक मजबूत करना है।

फतह-2 मिसाइल की मारक क्षमता और आधुनिक तकनीक

फतह-II एक गाइडेड आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम है, जिसे फतह-I के अपग्रेडेड वर्जन के रूप में तैयार किया गया है। पाकिस्तान का दावा है कि इसकी रेंज अब 250 से 400 किलोमीटर तक पहुंच गई है। यह मिसाइल विशेष रूप से सैन्य ठिकानों, रडार इंस्टॉलेशन और दुश्मन के लॉजिस्टिक्स केंद्रों को तबाह करने के लिए बनाई गई है। इसमें एक टर्मिनल गाइडेंस सिस्टम लगा है, जो उड़ान के आखिरी चरण में तेजी से रास्ता बदलने की क्षमता रखता है।

क्या भारतीय एयर डिफेंस को चकमा दे पाएगी यह मिसाइल?

इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनूठी ‘फ्लैट ट्रैजेक्टरी’ यानी सपाट उड़ान पथ है। इस वजह से रडार और हवाई सुरक्षा प्रणालियों के लिए इसे ट्रैक करना और बीच में ही रोकना काफी मुश्किल हो जाता है। इसमें इनर्टियल सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे 10 मीटर से भी कम के दायरे में सटीक निशाना लगाने की ताकत देता है। मोबाइल लॉन्चर से दागे जाने के कारण इसे किसी भी दुर्गम इलाके में तैनात किया जा सकता है।

भारत की सीमाओं पर बढ़ती पाकिस्तानी सैन्य गतिविधियां

पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान नियमित रूप से मिसाइलों और नए हथियारों का परीक्षण कर रहा है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि मई की नाकामी के बाद पाकिस्तान ने अपनी मिसाइल तकनीक में भारी निवेश किया है। वह ऐसी तकनीक विकसित करना चाहता है जो भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम में सेंध लगा सके। भारतीय खुफिया एजेंसियां और सेना पाकिस्तान की इन हरकतों पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि किसी भी हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।

Hot this week

हिमाचल चुनाव: निष्पक्ष मतदान के लिए सरकारी होर्डिंग्स हटाने के सख्त आदेश

Himachal News: हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र...

Related News

Popular Categories