Dehradun News: उत्तराखंड में चिलचिलाती गर्मी के बीच मौसम ने अचानक ऐसा यू-टर्न लिया है कि पहाड़ों से लेकर मैदानों तक ठिठुरन लौट आई है। गुरुवार को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में जबरदस्त ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस बदलाव से पारे में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आई है, जिससे मई की शुरुआत में ही लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है। चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को खराब मौसम के कारण अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
मसूरी में ओलों की सफेद चादर, जनजीवन अस्त-व्यस्त
पर्यटन नगरी मसूरी में गुरुवार को मौसम का सबसे रौद्र रूप देखने को मिला, जहां करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि ने माल रोड को तालाब बना दिया। मसूरी में सर्वाधिक 52 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे पूरी पहाड़ी सफेद नजर आने लगी। ओलों की वजह से सड़कें इतनी फिसलन भरी हो गईं कि दोपहिया वाहनों का चलना मुश्किल हो गया। इस बेमौसम ओलावृष्टि से गेहूं की खड़ी फसल और फलों के बागों को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।
केदारनाथ में बर्फबारी, उड़ानें हुई डायवर्ट
बाबा केदार की नगरी सहित बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर जमकर हिमपात हुआ है। लगातार हो रही बारिश और खराब दृश्यता के कारण केदारनाथ के लिए संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाएं दूसरे दिन भी बाधित रहीं। वहीं, देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर आंधी-तूफान के चलते दिल्ली और बेंगलुरु से आने वाली उड़ानों को जयपुर के लिए डायवर्ट करना पड़ा। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे हवाई यातायात पूरी तरह चरमरा गया।
6 मई तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि उत्तराखंड में यह मौसमी उथल-पुथल अभी थमने वाली नहीं है। शुक्रवार को भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जनपदों में आकाशीय बिजली चमकने और अंधड़ को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। विभाग के अनुसार, 6 मई तक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मौसम इसी तरह बदला रहेगा।
यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी की सलाह
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। पहाड़ों पर 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे तापमान में और 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं ताकि भूस्खलन या अन्य आपदा की स्थिति में राहत कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।


