Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार को प्रदेश के कई शहरों में सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। अप्रैल की इस तपिश ने नौ साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। रविवार को अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। इससे पहले ठीक इतना ही तापमान 20 अप्रैल 2017 को रिकॉर्ड हुआ था। लू के थपेड़ों और झुलसाने वाली हवाओं के कारण शहर किसी तंदूर की तरह तपते नजर आ रहे हैं।
बांदा और प्रयागराज में पारा 46 के पार
प्रदेश के बांदा जिले में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। यहां 46.6 डिग्री तापमान के साथ बांदा राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं, प्रयागराज प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म जिला बना हुआ है। लगातार तीसरे दिन पारा 45 डिग्री के पार रहने से हालात काफी गंभीर हो गए हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में भी हीटस्ट्रोक के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा देखा जा रहा है।
आग उगलती हवाओं ने थामी रफ्तार
दिनभर चलने वाली गर्म हवाओं (लू) ने व्यापार और सामान्य कामकाज पर बुरा असर डाला है। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा देखा गया। दोपहर के समय वातावरण में इतनी अधिक तपिश थी कि घर से बाहर निकलना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं लग रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान भी 26.3 डिग्री दर्ज किया गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है। शाम के समय आर्द्रता घटकर 21 प्रतिशत रह गई, जिससे गर्मी और अधिक तीखी महसूस हुई।
अगले कुछ दिनों तक लू का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भी भीषण लू का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अनुमान है कि सोमवार को भी तापमान 45 डिग्री के आसपास बना रहेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि 28 अप्रैल से मौसम में हल्का बदलाव आ सकता है और तापमान में मामूली गिरावट शुरू होने की संभावना है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, 30 अप्रैल तक तापमान 42 से 43 डिग्री के बीच सिमट सकता है, लेकिन तब तक लोगों को सावधानी बरतने और दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
