गंगा एक्सप्रेस-वे पर शुरू हुआ वाहनों का सफर: मेरठ से प्रयागराज तक मुफ्त यात्रा, सुविधाओं ने जीता दिल

Uttar Pradesh News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गंगा एक्सप्रेस-वे के भव्य लोकार्पण के बाद अब इस रूट पर वाहनों का विधिवत संचालन शुरू हो गया है। मेरठ से प्रयागराज के बीच 594 किलोमीटर लंबे इस सफर पर अब गाड़ियां फर्राटा भर रही हैं। सबसे सुखद बात यह है कि फिलहाल वाहन चालकों से किसी भी प्रकार का टोल टैक्स नहीं वसूला जा रहा है। हालांकि, सुरक्षा और रिकॉर्ड के लिहाज से टोल बूथों पर प्रत्येक वाहन की एंट्री अनिवार्य रूप से की जा रही है।

लोकार्पण के साथ ही दौड़े वाहन

बुधवार को हरदोई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर इस महात्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की थी। शुभारंभ के तुरंत बाद ही एक्सप्रेस-वे पर ट्रक, बस और कारों की आवाजाही शुरू हो गई। पहले दिन सफर करने वाले यात्री बेहद उत्साहित नजर आए। एक्सप्रेस-वे को फिलहाल तीन-तीन लेन के साथ संचालित किया जा रहा है, जबकि भविष्य में विस्तार के लिए बीच में पर्याप्त जगह छोड़ी गई है, जहां वर्तमान में हरियाली के लिए पौधरोपण किया गया है।

सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष इंतजाम

उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे एक्सप्रेस-वे पर रात के समय रोशनी के लिए हाई-टेक लाइटें लगाई गई हैं, जो सफर को सुरक्षित बनाती हैं। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर 23 किलोमीटर की दूरी पर एक आधुनिक एम्बुलेंस तैनात की गई है, जिसमें ऑक्सीजन, प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक दवाइयों के साथ डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।

हादसों से निपटने के लिए क्रेन तैनात

एम्बुलेंस के साथ-साथ यूपीडा ने हर 23 किलोमीटर के दायरे में एक क्रेन और एक कैंपर वाहन की भी तैनाती की है। यदि एक्सप्रेस-वे पर कोई वाहन खराब होता है या दुर्घटनाग्रस्त होता है, तो क्रेन उसे तुरंत हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि ट्रैफिक में कोई बाधा न आए और अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। टोल बूथों पर पेयजल और शौचालयों जैसी कुछ बुनियादी सुविधाओं का काम अभी अंतिम चरण में है।

कब तक मिलेगी मुफ्त सफर की राहत

वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि टोल वसूली फिलहाल शुरू नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, जब तक टोल बूथों पर शौचालय, पेयजल और विश्राम गृह जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह से सुचारू नहीं हो जातीं, तब तक यात्रियों से टैक्स नहीं लिया जाएगा। अधिकारियों का लक्ष्य है कि यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के बाद ही विधिवत टोल वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाए। तब तक लोग इस शानदार सफर का आनंद उठा सकते हैं।

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