Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक लाल किला देखने आने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब पर्यटकों को प्रवेश के लिए लंबी कतारों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 1 मई से किले के प्रवेश द्वारों पर आधुनिक ‘टर्नस्टाइल गेट’ प्रणाली को पुनः सक्रिय कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत विजिटर्स अब अपने प्रवेश टिकट पर मौजूद क्यूआर (QR) कोड को गेट पर लगी मशीन में स्कैन करके सीधे अंदर प्रवेश कर सकेंगे।
भीड़ नियंत्रण के लिए एएसआई ने उठाया बड़ा कदम
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के अनुसार, लाल किला आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। विशेष रूप से शनिवार, रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिनों में यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है। अब तक एएसआई का स्टाफ मैन्युअल तरीके से टिकटों की जांच करता था, जिससे प्रवेश प्रक्रिया धीमी हो जाती थी। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए डिजिटल टर्नस्टाइल गेट्स की व्यवस्था की गई है। यह कदम पर्यटन अनुभव को बेहतर और सुगम बनाने के लिए उठाया गया है।
किसान आंदोलन के बाद से बंद पड़ी थी यह सुविधा
गौरतलब है कि यह सिस्टम लाल किले के लिए बिल्कुल नया नहीं है। साल 2018-19 में प्रयोग के तौर पर इसे दो गेटों पर लगाया गया था, लेकिन तकनीकी बाधाओं के कारण यह सफल नहीं हो पाया। इसके बाद 2022-23 में कुल 6 गेटों पर टर्नस्टाइल सिस्टम शुरू किया गया था। हालांकि, किसान आंदोलन के दौरान इन गेटों को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद से ये तकनीकी रूप से बंद पड़े थे। अब एएसआई ने इन मशीनों की मरम्मत कर इन्हें फिर से यात्रियों की सेवा में समर्पित कर दिया है।
डिजिटल स्कैनिंग से बचेगा पर्यटकों का कीमती समय
एएसआई दिल्ली सर्कल के सुपरिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट डॉ. आरके पटेल ने बताया कि टर्नस्टाइल गेट की नई व्यवस्था बेहद प्रभावी साबित होगी। अब पर्यटकों को स्टाफ द्वारा टिकट चेक करवाने की प्रतीक्षा नहीं करनी होगी। उन्हें बस टिकट काउंटर से प्राप्त क्यूआर कोड को स्कैनर के सामने रखना होगा और गेट स्वतः ही खुल जाएगा। यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि किले के सुरक्षा घेरे को भी अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाएगी। इससे कर्मचारियों का कार्यभार भी कम होगा और सुरक्षा मानकों में सुधार होगा।
वीकेंड और छुट्टियों पर सुगम होगा प्रवेश
आमतौर पर छुट्टियों के दिनों में लाल किले के प्रवेश द्वार पर अराजकता जैसी स्थिति बन जाती थी। डॉ. पटेल के अनुसार, टर्नस्टाइल गेट सिस्टम से भीड़ को कुशलतापूर्वक प्रबंधित किया जा सकेगा। इससे वहां आकर टिकट खरीदने वाले और ऑनलाइन टिकट लेने वाले, दोनों ही श्रेणियों के पर्यटकों को लाभ होगा। एएसआई को उम्मीद है कि इस तकनीकी अपग्रेडेशन से किले के राजस्व और पर्यटन प्रबंधन में सकारात्मक बदलाव आएगा। दिल्ली आने वाले विदेशी और घरेलू पर्यटकों के लिए यह एक राहत भरी खबर है।


