Delhi News: राजधानी दिल्ली के विवेक विहार में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। एक आवासीय इमारत में भयंकर आग लगने से एक परिवार की तीन पीढ़ियों का दुखद अंत हो गया। भीषण अग्निकांड में बुजुर्ग दंपति, उनके युवा बेटे, बहू और डेढ़ साल के मासूम पोते की जान चली गई। खुशियों से भरा घर कुछ घंटों में श्मशान बन गया। पुलिस और दमकल विभाग अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।
जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं
हादसे से पहले परिवार में जश्न का माहौल था। रविवार को बच्चे का जन्मदिन मानेसर में धूमधाम से मनाने की तैयारी थी। शनिवार रात बारह बजे पूरे परिवार ने वीडियो कॉल पर बधाई दी और केक काटा था। दुर्भाग्य से जश्न के महज साढ़े तीन घंटे बाद ही भयानक आग लग गई। इस खौफनाक हादसे में बासठ वर्षीय अरविंद जैन, उनकी पत्नी अनीता, बेटे निशांक, बहू आंचल और पोते अक्षय की जान चली गई।
सुरक्षा के इंतजाम ही बने जानलेवा
इमारत में सुरक्षा के इंतजाम ही लोगों पर भारी पड़े। आठ फ्लैटों वाले भवन में नीचे उतरने के लिए केवल एक संकरी सीढ़ी और एक लिफ्ट थी। आग लगने पर सीढ़ियों का टफन ग्लास टूट गया। शीशे के कारण तापमान बढ़ा और भागना मुश्किल हुआ। बंदरों को रोकने वाली लोहे की ग्रिल ने सबको अंदर फंसा दिया। इस मजबूत ग्रिल के चलते दमकलकर्मी भी समय पर बचाव के लिए इमारत के अंदर नहीं घुस पाए।
डिजिटल लॉक और बंद दरवाजे बने काल
हादसे के वक्त छत पर जाने वाले दरवाजे पर ताला लगा था। बंद ताले के कारण परिवार छत की तरफ नहीं जा सका और आग में फंस गया। फ्लैटों के दरवाजों पर आधुनिक डिजिटल लॉक लगे हुए थे। एसी में शॉर्ट सर्किट के कारण ये डिजिटल लॉक पूरी तरह से जाम हो गए। दरवाजे नहीं खुलने के कारण घबराए लोग कमरों से बाहर नहीं आ सके। रास्ता बंद होने से सभी लपटों का शिकार बने।
मदद की पुकार और पुलिस की देरी
आग लगने पर निशांक ने मदद के लिए अपने भाई और दोस्तों को फोन किए थे। फोन साइलेंट होने से किसी ने कॉल नहीं उठाई। वहीं, आपातकालीन कॉल सीधा उत्तर प्रदेश पुलिस के पास पहुंचने से काफी भ्रम पैदा हुआ। इस तकनीकी खामी से दिल्ली पुलिस तक सूचना पहुंचने में बीस मिनट की देरी हुई। लोगों के अनुसार, यूपी कंट्रोल रूम में बार-बार फोन लगने की वजह से समय पर बचाव दल नहीं पहुंच सका।


