Delhi News: राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज में आयोजित वार्षिक उत्सव ‘फेस्ट’ के दौरान छात्रों के बीच हिंसक झड़प हो गई। दिल्ली पुलिस ने कॉलेज प्रशासन की आधिकारिक शिकायत पर इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। सोमवार को पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। यह विवाद 8 और 9 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ था। पुलिस अब उन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है जिससे हिंसा भड़की।
कैंपस में बाहरी लोगों की एंट्री ने बिगाड़ा माहौल
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेज फेस्ट के दौरान भारी अनुशासनहीनता और हिंसक घटनाएं सामने आईं। सबसे गंभीर बात यह है कि कार्यक्रम में कुछ बाहरी तत्वों ने अवैध रूप से प्रवेश किया था। इन बाहरी लोगों की मौजूदगी ने स्थिति को और ज्यादा तनावपूर्ण और अनियंत्रित बना दिया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस तथ्यों का सत्यापन कर रही है ताकि असली दोषियों की पहचान हो सके।
कॉलेज प्रशासन का सख्त एक्शन, 30 छात्र निलंबित
हिंसक घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए करीब 30 छात्रों को निलंबित कर दिया है। इन छात्रों में छात्रसंघ के चार प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल हैं। इन पर सोशल मीडिया के माध्यम से कॉलेज की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप है। अनुशासन समिति की सिफारिश के बाद यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परिसर के माहौल को खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
छात्रसंघ पदाधिकारियों पर गिरी गाज
25 अप्रैल को कॉलेज की ओर से जारी एक आधिकारिक नोटिस में छात्रसंघ पदाधिकारियों के तत्काल निलंबन की घोषणा की गई। यह निलंबन जांच प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने इसे एक अंतरिम आदेश बताया है और इसकी अवधि अभी निर्धारित नहीं की है। निलंबित छात्रों पर कैंपस की शांति भंग करने और शिक्षकों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के गंभीर आरोप हैं। इस कार्रवाई से कॉलेज के अन्य छात्रों में भी हड़कंप मच गया है।
परिसर में प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी
कॉलेज के कड़े आदेश के अनुसार, निलंबित छात्रों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। उन्हें केवल विशेष परिस्थितियों जैसे परीक्षा या आंतरिक मूल्यांकन के लिए ही कॉलेज आने की छूट मिलेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया है। इससे पहले 20 अप्रैल को भी कुछ छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। उन पर फेस्ट के दौरान अव्यवस्था और कैंपस का माहौल बिगाड़ने का आरोप था।
कानून-व्यवस्था का बना मुद्दा, पुलिस जांच तेज
कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर (डॉ.) रमा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह मामला अब केवल कॉलेज की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा बल्कि एक गंभीर कानूनी मुद्दा बन चुका है। दिल्ली पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि झड़प की शुरुआत किस वजह से हुई। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस पूरी साजिश में किन-किन बाहरी लोगों का हाथ था। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।
