Delhi News: देश की राजधानी के द्वारका जिले में शनिवार रात को हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जाफरपुर कलां इलाके में युवक पांडव की जान लेने वाले और किशन को घायल करने वाले आरोपी हेड कॉन्स्टेबल नीरज को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और द्वारका जिला पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर आरोपी को हरियाणा के रोहतक से दबोचा है। इस वारदात ने दिल्ली पुलिस की छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकारी सर्विस पिस्टल से चली थी गोली
आरोपी हेड कॉन्स्टेबल नीरज को पकड़ने के बाद अब पुलिस उस हथियार की तलाश कर रही है। शुरुआती जांच में यह जानकारी सामने आई है कि हत्या में सरकारी सर्विस पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिस्टल की बरामदगी के बाद मामले की कड़ियां जोड़ने में आसानी होगी। एक सुरक्षाकर्मी द्वारा इस तरह सरेआम फायरिंग करना और एक निर्दोष की जान लेना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
घायल किशन की हालत में सुधार
इस हमले में पांडव के साथ मौजूद 29 वर्षीय किशन भी बुरी तरह घायल हो गया था। किशन का इलाज इस समय हरिनगर के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसके पेट से गोली निकाल दी है और उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। किशन मूल रूप से तमिलनाडु का रहने वाला है और दिल्ली में मजदूरी करता है। वह घटना के समय पांडव की बाइक पर पीछे बैठा हुआ था।
एक गोली और दो लोगों को लगी
वारदात की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने बहुत नजदीक से गोली चलाई थी। जब नीरज ने फायरिंग की, तो गोली सीधे पांडव के सीने को चीरते हुए निकल गई। पांडव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वही गोली पीछे बैठे किशन के पेट में जा धंसी। यह सब तब हुआ जब दोनों दोस्त जन्मदिन मनाकर वापस घर लौट रहे थे। पुलिस इस मामले में आपसी रंजिश के कोण से भी जांच कर रही है।
पांडव के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रविवार शाम को गमगीन माहौल में पांडव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पांडव के जाने से उसके परिवार के सामने जीवन जीने का गहरा संकट खड़ा हो गया है। घर में वह अकेला कमाने वाला सदस्य था, जो अपने बीमार माता-पिता और भाई का ख्याल रखता था। पांडव की मां ने रोते हुए बताया कि उनके बेटे ने ही बीमारी के समय उनका इलाज कराया था। अब घर का खर्च चलाना उनके लिए नामुमकिन लग रहा है।
अपनों को खोने का दर्द और इंसाफ की मांग
पीड़ित परिवार में पिता की उम्र लगभग 70 साल है और पांडव का छोटा बेटा टीबी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। पांडव अपनी मृत बड़ी बहन की बच्ची की जिम्मेदारी भी उठा रहा था। परिवार के सदस्यों ने आरोपी हेड कॉन्स्टेबल नीरज के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की है। उनका कहना है कि बिना किसी कसूर के उनके घर का सहारा छीन लिया गया। अब वे सरकार से आर्थिक मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस की सक्रियता
पुलिस प्रशासन इस मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। द्वारका पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि आरोपी को कड़ी सजा मिले ताकि जनता का पुलिस पर भरोसा बना रहे। रोहतक से गिरफ्तारी के बाद नीरज से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इस जघन्य अपराध के पीछे मुख्य मकसद क्या था।
