Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में ग्रीन पंचायत परियोजना ने एक नया इतिहास रच दिया है। शिमला जिले के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र की धरेच ग्राम पंचायत राज्य की पहली ग्रीन पंचायत बन गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस शानदार उपलब्धि का उद्घाटन किया है। यहां 500 किलोवाट क्षमता वाली सौर ऊर्जा परियोजना ने अपना सफलतापूर्वक उत्पादन शुरू कर दिया है। यह पहल ग्रामीण इलाकों के लिए एक बहुत बड़ी आर्थिक क्रांति साबित होने वाली है।
ग्राम पंचायत को होगी बंपर कमाई
इस बेहतरीन सौर परियोजना का निर्माण करीब 1 करोड़ 94 लाख रुपये की लागत से हुआ है। इसका काम जनवरी 2025 में शुरू हुआ था। 30 मार्च 2026 को इसे सीधे बिजली ग्रिड से जोड़ दिया गया। इस प्रोजेक्ट से प्रतिदिन लगभग 3000 यूनिट स्वच्छ ऊर्जा पैदा हो रही है। राज्य बिजली बोर्ड इसे 3.50 रुपये प्रति यूनिट खरीदेगा। इससे पंचायत को हर साल 28 लाख रुपये की नियमित कमाई आसानी से होगी।
अनाथ बच्चों और विधवाओं को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ने इस योजना को एक शानदार जनकल्याणकारी मॉडल बताया है। उन्होंने कहा कि इससे हमारी पंचायतें पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेंगी। इस परियोजना से मिलने वाले पैसे का बहुत अच्छे से बंटवारा होगा। कुल कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा पंचायत के विकास कार्यों पर खर्च होगा। 20 प्रतिशत राशि अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए दी जाएगी। बाकी पैसा राज्य सरकार, हिम ऊर्जा विभाग और प्रोजेक्ट के नियमित रखरखाव के लिए सीधा प्रदान किया जाएगा।
चियोग स्कूल और बिजली सुधार के लिए करोड़ों की सौगात
सीएम सुक्खू ने इस खास मौके पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने चियोग स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के नए भवन के लिए 5.50 करोड़ रुपये देने का बड़ा ऐलान किया। अब इस स्कूल में अगले साल से सीबीएसई पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू होगी। इसके अलावा इलाके में बिजली की पुरानी समस्या को हमेशा के लिए दूर करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए 16 करोड़ रुपये की लागत से नया सब-स्टेशन जल्द बनाया जाएगा।
सड़कों और सिंचाई परियोजनाओं का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के विकास को और तेज करने का वादा किया है। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम के तहत मंजूर हुई कई जरूरी सड़कों के निर्माण की बात कही है। इनमें बंगापानी से चडैल और फागू से सरिवन जैसी प्रमुख सड़कें शामिल हैं। इन सभी रास्तों के लिए सरकार पर्याप्त धन उपलब्ध करवाएगी। इसके साथ ही स्थानीय किसानों की सुविधा के लिए धरेच सिंचाई परियोजना को भी जल्द पूरा करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
