New Delhi News: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सोमवार को दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से रौंद दिया। इस मुकाबले में विराट कोहली ने बल्लेबाजी में नया इतिहास रचते हुए आईपीएल में 9000 रन पूरे कर लिए हैं। वह इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार ने दिल्ली के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। इस धमाकेदार जीत ने बेंगलुरु की प्लेऑफ की राह बेहद आसान कर दी है।
दिल्ली की शर्मनाक बल्लेबाजी और हेजलवुड का कहर
अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाजों ने बेहद शर्मनाक प्रदर्शन किया। पूरी टीम महज 16.3 ओवरों में सिर्फ 75 रनों पर ढेर हो गई। एक समय टीम आईपीएल के सबसे कम स्कोर (49 रन) के रिकॉर्ड के करीब दिख रही थी। अभिषेक पोरेल ने सर्वाधिक 30 रनों की पारी खेलकर टीम को संभाला। जोश हेजलवुड ने घातक गेंदबाजी करते हुए 12 रन देकर 4 विकेट चटकाए। उन्होंने केएल राहुल और नितीश राणा जैसे बड़े खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा।
भुवनेश्वर कुमार की कंजूस और सटीक गेंदबाजी
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने इस मैच में दिल्ली के टॉप ऑर्डर की कमर तोड़ दी। उन्होंने अपने 3 ओवरों में मात्र 5 रन खर्च किए और 3 महत्वपूर्ण विकेट लिए। भुवी ने साहिल परख, ट्रिस्टन स्टब्स और कप्तान अक्षर पटेल को अपना शिकार बनाया। उनके अलावा सुयश शर्मा, रसिक सलाम और क्रुणाल पांड्या ने भी एक-एक विकेट हासिल किया। दिल्ली के बल्लेबाजों के पास बेंगलुरु की सटीक लाइन और लेंथ का कोई जवाब नहीं था।
विराट कोहली का 9 हजार रनों का महा-रिकॉर्ड
लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेंगलुरु की टीम ने बेहद आक्रामक अंदाज दिखाया। देवदत्त पडिक्कल ने नाबाद 34 रनों की तेज पारी खेली। वहीं किंग कोहली 23 रन बनाकर नाबाद लौटे। इसी छोटी पारी के दौरान विराट कोहली ने आईपीएल में 9000 रन का जादुई आंकड़ा पार कर लिया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक इस ऐतिहासिक पल को देखकर झूम उठे। बेंगलुरु ने इस मामूली लक्ष्य को हासिल करने में कोई गलती नहीं की और बड़ी जीत दर्ज की।
पॉइंट्स टेबल में बेंगलुरु का दबदबा
इस रिकॉर्ड जीत के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। बेंगलुरु ने अब तक 8 में से 6 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। उनके पास अब 12 अंक हैं और उनका नेट रन रेट (+1.919) सभी टीमों से बेहतर है। हालांकि वे अभी तकनीकी रूप से प्लेऑफ में नहीं पहुंचे हैं, लेकिन उनकी दावेदारी सबसे मजबूत है। टीम का संतुलन और फॉर्म देखते हुए विशेषज्ञ उन्हें खिताब का प्रबल दावेदार मान रहे हैं।
प्लेऑफ का गणित: बेंगलुरु और दिल्ली की राह
बेंगलुरु को प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करने के लिए बचे हुए 6 मैचों में से सिर्फ 2 जीत की जरूरत है। अगर टीम टॉप-2 में रहती है, तो उन्हें फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिलेंगे। दूसरी ओर, दिल्ली कैपिटल्स की स्थिति काफी नाजुक हो गई है। दिल्ली ने 8 में से केवल 3 मैच जीते हैं और वे 6 अंकों के साथ सातवें स्थान पर हैं। दिल्ली को अब अगले 6 में से कम से कम 5 मैच जीतने होंगे।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब करो या मरो
दिल्ली का नेट रन रेट (-1.060) भी काफी खराब है, जो प्लेऑफ की रेस में उनके लिए बाधा बन सकता है। टीम को अब न सिर्फ अपने मैच जीतने होंगे, बल्कि अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। अक्षर पटेल की कप्तानी वाली टीम को अपनी बल्लेबाजी में बड़े सुधार की जरूरत है। अगर दिल्ली आगामी मैचों में हारती है, तो वे टूर्नामेंट से बाहर होने वाली शुरुआती टीमों में शामिल हो सकते हैं। प्रशंसकों को अब एक बड़े चमत्कार की उम्मीद है।
