नालंदा में आस्था का सैलाब: बाबा महतो साहब राजकीय मेले का आज भव्य आगाज़, CM सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन

Nalanda News: बिहार के नालंदा जिले के प्रणावां गांव में आज से आस्था और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। श्री श्री 108 श्री शरण निवास बाबा महतो साहब द्विवार्षिक राजकीय मेला एवं महोत्सव का भव्य शुभारंभ शुक्रवार, एक मई को होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक महोत्सव का विधिवत उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोपहर के समय करेंगे। इस राजकीय मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल है और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

दिग्गज नेताओं और जनप्रतिनिधियों का लगेगा जमावड़ा

मेला समिति के अध्यक्ष केदार महतो और संयोजक राजकुमार महतो ने जानकारी दी कि उद्घाटन समारोह में राज्य के कई कद्दावर नेता शिरकत करेंगे। इस अवसर पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, पूर्व मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार और स्थानीय विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी इस आयोजन को और भी खास बनाएगी, जिसकी तैयारियां पिछले कई सप्ताह से युद्ध स्तर पर चल रही थीं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था

आयोजन समिति ने मेले की सफलता के लिए सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे मेला परिसर में आधुनिक रोशनी, शुद्ध पेयजल और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। समिति का मुख्य उद्देश्य यह है कि दूर-दराज से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को पूजा-अर्चना के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

108 गांवों के धानुक समाज की अटूट आस्था

इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक महाकुंभ में मुख्य रूप से धानुक समाज की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि आसपास के लगभग 108 गांवों के हजारों श्रद्धालु इस मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। बाबा महतो साहब के प्रति लोगों में इतनी श्रद्धा है कि लोग इस द्विवार्षिक मेले का बेसब्री से इंतजार करते हैं। मेले में केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जो बिहार की समृद्ध विरासत को दर्शाएंगे।

राजकीय दर्जे से मेले को मिली नई पहचान

बाबा महतो साहब मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने के बाद से इसकी भव्यता और बढ़ गई है। सरकार के सहयोग से अब यहां बुनियादी ढांचा पहले से काफी बेहतर हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह मेला न केवल भक्ति का केंद्र है, बल्कि यह आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। आज दोपहर मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे प्रणावां गांव को सजाया गया है और लोगों में अपने जनप्रिय नेताओं को सुनने और मेले का आनंद लेने के लिए भारी उत्साह है।

Hot this week

Related News

Popular Categories