Himachal News: हिमाचल प्रदेश में नशा माफिया के खिलाफ विशेष अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मंडी जिले में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने उपतहसील कटोला के सिलसुलहरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रही अवैध अफीम की खेती का पर्दाफाश किया। एसटीएफ ने करीब 4 बीघा जमीन पर फैले 1 लाख 38 हजार से अधिक अफीम के पौधों को मौके पर ही नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई राज्य में नशे के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ की सर्जिकल स्ट्राइक
एसटीएफ को मंडी के दुर्गम इलाके में अफीम की खेती होने की ठोस खुफिया जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही टीम ने योजनाबद्ध तरीके से सिलसुलहरी में दबिश दी। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को विस्तृत पहाड़ी ढलानों पर अफीम के लहलहाते पौधे मिले। पुलिस ने बिना समय गंवाए भारी मात्रा में इन पौधों को उखाड़कर आग के हवाले कर दिया। इस सख्त कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार में लगे तत्वों के बीच भारी हड़कंप मच गया है।
पधर थाना में अज्ञात आरोपियों पर एफआईआर दर्ज
पुलिस ने इस अवैध खेती के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब करने के लिए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पधर पुलिस थाना में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब जमीन के मालिकों और खेती करने वालों की पहचान करने के लिए राजस्व रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसके अलावा पुलिस स्थानीय मुखबिरों की मदद से जांच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
नशे के खिलाफ जारी रहेगा अभियान: डीएसपी हेम राज
एसटीएफ के डीएसपी हेम राज ने शुक्रवार को इस बड़ी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के जीरो टॉलरेंस निर्देशानुसार नशे के खिलाफ यह जंग लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य की भूमि पर किसी भी प्रकार की अवैध नशीली फसलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएसपी ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की सख्त धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनता से पुलिस की अपील
एसटीएफ ने इस सफल ऑपरेशन के बाद आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि उनके पड़ोस या आसपास कहीं भी नशे से संबंधित संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। एसटीएफ का मानना है कि जनभागीदारी से ही हिमाचल को नशामुक्त बनाया जा सकता है। पुलिस अब अन्य संभावित इलाकों में भी ड्रोन से निगरानी रखने की योजना बना रही है।


