Uttar Pradesh News: अंबेडकरनगर के किछौछा क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दो किशोर एक युवक पर बेल्ट से ताबड़तोड़ प्रहार कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित युवक बिना किसी विरोध के पिटाई सह रहा है। शुक्रवार शाम इंटरनेट मीडिया पर यह दृश्य तेजी से वायरल हुआ। इसने लोगों के बीच भारी आक्रोश और बहस छेड़ दी है। हालांकि, पुलिस ने इस पूरी घटना को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है।
सोशल मीडिया पर रूह कंपा देने वाला दृश्य
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित यह वीडियो करीब 36 सेकंड का बताया जा रहा है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि दो किशोर एक युवक को बेल्ट से बेरहमी से पीट रहे हैं। वीडियो में युवक को करीब 36 बार मारा गया। युवक के शरीर पर पड़ते बेल्ट के निशान और उसका समर्पण देख हर कोई स्तब्ध रह गया। यह वीडियो बसखारी थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव का बताया जा रहा है। स्थानीय लोग इस घटना को देखकर दंग रह गए।
पिटाई का कारण और इंटरनेट पर छिड़ी बहस
वायरल वीडियो में एक राहगीर की आवाज भी सुनाई दे रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि पीड़ित युवक किसी बच्चे का हाथ मरोड़ रहा था। इसी के प्रतिशोध में किशोरों ने उसे सड़क पर ही बेल्ट से पीटना शुरू कर दिया। वीडियो अपलोड होते ही लोगों ने किशोरों के इस दुस्साहसिक कृत्य पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इंटरनेट पर यह बहस छिड़ गई कि क्या समाज में कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।
पुलिस जांच में सामने आई असली हकीकत
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि यह वास्तव में मारपीट की कोई वास्तविक घटना नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, संबंधित युवक और किशोर आपस में मिलकर सोशल मीडिया के लिए एक ‘रील’ (Reel) बना रहे थे। वीडियो में दिखने वाली पिटाई वास्तविक नहीं, बल्कि मनोरंजन के उद्देश्य से फिल्माई गई थी। पुलिस ने जनता से इस तरह के भ्रामक वीडियो पर ध्यान न देने की अपील की है।
स्थानीय पुष्टि का अभाव
हालांकि वीडियो में पिटाई काफी वास्तविक लग रही थी, लेकिन आधिकारिक पुष्टि के बिना इसे हिंसा मानना जल्दबाजी थी। पिटाई करने वाले किशोर भी उसी गांव के बताए जा रहे हैं। 36 सेकंड के इस वीडियो में शेखर नामक युवक को 15 बार बेल्ट से मारते हुए देखा गया। किसी राहगीर ने इसे मोबाइल में कैद कर लिया था। पुलिस का कहना है कि यह केवल किशोरों का एक नाटकीय कृत्य था। किसी ने भी लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।


