भागलपुर पुलिस एनकाउंटर: रामधनी यादव की मौत के बाद पत्नी और बेटे अचानक लापता, उठने लगे बड़े सवाल

Bihar News: भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद में हुए चर्चित शूटआउट मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस हिरासत में आरोपी रामधनी यादव की मौत के बाद उसका परिवार रहस्यमयी तरीके से लापता है। इस बड़ी मुठभेड़ में घायल हुए इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार के बयान पर थाने में नई एफआईआर दर्ज हुई है। अपराधियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने अब पूरे इलाके में अपनी सघन जांच काफी तेज कर दी है।

नगर परिषद सभापति पर जानलेवा हमले का केस

पुलिस की नई एफआईआर में कई बड़े और चर्चित नाम शामिल हैं। नगर परिषद सभापति राजकुमार साह पर जानलेवा हमले का गंभीर आरोप लगा है। वहीं कार्यपालक अधिकारी कृष्ण भूषण की हत्या के मामले में दीपक और पिंकू यादव को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। इलाके में शांति के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती हुई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर अचानक फायरिंग

इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार ने अपने आधिकारिक बयान में घटना की विस्तृत जानकारी दी है। पुलिस टीम आरोपी रामधनी यादव को लेकर हथियार बरामद करने एक गुप्त ठिकाने पर जा रही थी। तभी रास्ते में घात लगाए बैठे अपराधियों ने अचानक पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। ये सभी अपराधी रामधनी को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाना चाहते थे। इस खतरनाक हमले से पुलिस को तुरंत संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर भारी अफरातफरी मच गई।

मुठभेड़ में डीएसपी सहित कई पुलिसकर्मी हुए घायल

अपराधियों की अचानक गोलीबारी में डीएसपी नवनीत कुमार के पैर में गोली लग गई। गोली लगते ही वह तुरंत जमीन पर गिर पड़े। इस दौरान इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार और परमेश्वर साहनी भी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। इसी बीच रामधनी यादव ने पुलिस का हथियार छीनकर सीधे गोली चलाने की कोशिश की। आत्मरक्षा में की गई पुलिस की जवाबी फायरिंग में रामधनी यादव गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।

अस्पताल में रामधनी की मौत और पुलिस का अभियान

गोलीबारी के बाद सभी घायल पुलिसकर्मियों और आरोपी रामधनी को जवाहर लाल नेहरू अस्पताल ले जाया गया। वहां गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज के दौरान रामधनी यादव की मौत हो गई। घायल पुलिस अधिकारियों को उपचार के बाद सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों की सलाह पर अब घायल अधिकारियों को छुट्टी मिल गई है। एसएसपी प्रमोद कुमार ने सुल्तानगंज इलाके में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ पुलिस टीम को लगातार सघन जांच अभियान चलाने का सख्त निर्देश जारी किया है।

रहस्यमयी तरीके से लापता हुआ रामधनी का परिवार

मुठभेड़ के बाद रामधनी यादव का परिवार लापता है। पत्नी नीलम देवी और दोनों बेटों का कोई सुराग नहीं है। रामधनी का पोस्टमार्टम केवल उसकी बेटी की देखरेख में पूरा हुआ। राजनीति से जुड़ा यह परिवार अब पूरी तरह से भूमिगत हो चुका है। सुल्तानगंज इलाके में उनके इस रहस्यमयी तरीके से गायब होने पर गंभीर चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोग उनके अचानक लापता होने के पीछे का असली कारण जानना चाहते हैं।

पुलिस की हिरासत को लेकर उठ रहे गंभीर सवाल

इलाके में अफवाह तेजी से फैल रही है कि शूटआउट के बाद पुलिस ने रामधनी के घर दबिश दी थी। चर्चा है कि पुलिस ने पूछताछ के लिए उसकी पत्नी और दोनों बेटों को हिरासत में लिया है। सुल्तानगंज थाने की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने ऐसी किसी भी कार्रवाई से साफ इनकार किया है। पुलिस के इस स्पष्ट इनकार के बाद यह रहस्य काफी गहरा गया है कि आखिर रामधनी का पूरा परिवार रातों-रात अचानक कहां गायब हो गया है।

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