Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस थाना मझीन के तहत 32 वर्षीय विवाहिता ने संदिग्ध हालात में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। मृतका की पहचान भटाल कलां निवासी उर्मिला के रूप में हुई है। इस घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में इस दुखद घटना से भारी शोक की लहर दौड़ गई है।
पेड़ से लटका मिला शव, पीछे रह गए दो मासूम बच्चे
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उर्मिला का शव शुक्रवार तड़के घर के बाहर एक पेड़ से लटका हुआ मिला। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। मृतका अपने पीछे 6 और 7 साल के दो छोटे बेटों को छोड़ गई है। बच्चों के सिर से मां का साया उठने से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अधिकारी अब मौत के असली कारणों का पता लगाने में जुटे हैं।
शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना का आरोप
मृतका की मां गुड्डो देवी ने अपनी बेटी के पति चंदन और सास कश्मीरा पर प्रताड़ना के संगीन आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि ससुराल पक्ष उर्मिला को आए दिन मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करता था। आरोपी पति अक्सर शराब पीकर पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। गुड्डो देवी ने एसपी देहरा से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग करते हुए अपनी शिकायत दर्ज करवाई है।
पुलिस की गहन जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एसपी देहरा मयंक चौधरी ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को कब्जे में ले लिया। देहरा अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस मायके पक्ष के आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की गुत्थी सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।
ससुराल पक्ष से पूछताछ और आगामी कार्रवाई
पुलिस ने मामले में प्रताड़ना की धाराओं के तहत जांच तेज कर दी है। ससुराल पक्ष के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है। एसपी मयंक चौधरी ने आश्वासन दिया है कि कानून अपना काम निष्पक्षता से करेगा। अगर प्रताड़ना के आरोप साबित होते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों को समाज के सामने ला खड़ा किया है।


