Madhya Pradesh News: धार्मिक नगरी उज्जैन में इतिहास और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला है। महाकालेश्वर मंदिर के पास खुदाई के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग निकला है। इस शिवलिंग के साथ एक सुंदर जलाधारी भी मौजूद है। भगवान शिव के प्रकट होने से क्षेत्र में श्रद्धा का माहौल बन गया है। निर्माण कार्य के दौरान हुई इस खोज ने सभी को हैरान कर दिया है। खबर मिलते ही मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई है।
बुलडोजर चालक की नजर पड़ते ही रुका काम
महाकाल लोक परियोजना के तहत मंदिर के आसपास तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार सुबह बड़ा गणेश मंदिर के पास टनल बनाने के लिए खुदाई हो रही थी। इसी दौरान बुलडोजर चालक को जमीन के अंदर पत्थर जैसी विशेष आकृति दिखाई दी। उसने तुरंत अपनी सूझबूझ दिखाई और मशीन को वहीं बंद कर दिया। उसने पास जाकर देखा तो वह एक बहुत प्राचीन शिवलिंग था। चालक ने तुरंत मंदिर प्रशासन को इस महत्वपूर्ण घटना की सूचना दे दी।
भस्म आरती के समय जमीन से निकले महादेव
यह घटना उस समय हुई जब महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भस्म आरती चल रही थी। यह एक बड़ा और बहुत ही अद्भुत संयोग माना जा रहा है। शिवलिंग मिलने की खबर पूरे शहर में तेजी से फैल गई। इसके तुरंत बाद कई बड़े पुजारी और आला अधिकारी वहां पहुंच गए। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वहां जलाभिषेक शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने शिवलिंग पर फूल चढ़ाए और विशेष पूजा अर्चना की।
अवंतिका नगरी के कण-कण में बसे हैं शिव
स्थानीय लोगों के अनुसार प्राचीन काल में उज्जैन को अवंतिका नगरी कहते थे। यह पवित्र भूमि हमेशा से शिव आराधना का मुख्य केंद्र रही है। समय के साथ कई आपदाओं ने पुराने मंदिरों को जमीन के नीचे दबा दिया। लेकिन यह धरती अक्सर अपने आध्यात्मिक रहस्यों को दुनिया के सामने लाती है। यह घटना उज्जैन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का बड़ा प्रमाण बनकर उभरी है। हर भक्त इस अलौकिक दृश्य को देखकर पूरी तरह भक्ति में डूब गया है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, जुटने लगी भारी भीड़
महाकाल क्षेत्र में खुदाई के दौरान अवशेष मिलने का यह पहला मामला नहीं है। लोक निर्माण के दौरान पहले भी कई मूर्तियां मिली थीं। कई जगहों से शिवलिंग और देवी-देवताओं की प्रतिमाएं सामने आ चुकी हैं। इस नए शिवलिंग के दर्शन के लिए अब मौके पर भारी भीड़ जमा है। प्रशासन और पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इससे साबित होता है कि उज्जैन आज भी एक बहुत बड़ा आध्यात्मिक केंद्र है।


