New Delhi News: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले सही मुहूर्त देखना अनिवार्य माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 2 मई 2026, शनिवार का दिन विशेष आध्यात्मिक महत्व समेटे हुए है। आज वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि सुबह 10:48 बजे तक रहेगी। इसके बाद ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। शनिवार को अनुराधा नक्षत्र का संयोग ‘सिद्धि योग’ जैसा फल प्रदान करता है।
2 मई 2026: आज के पंचांग की विस्तृत गणना
आज सूर्य देव अपनी उच्च राशि मेष में विराजमान हैं, जो तेज और सफलता का प्रतीक है। चंद्रमा पूरे दिन और रात वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे। नक्षत्रों की बात करें तो विशाखा नक्षत्र सुबह 04:32 बजे तक था। इसके बाद अब अनुराधा नक्षत्र प्रभावी है, जो अगले दिन तड़के तक रहेगा। आज वरीयान योग रात 01:43 बजे तक रहेगा। करण की गणना के अनुसार सुबह तक ‘बव’ और फिर ‘बालव’ प्रभावी रहेगा।
आज के सबसे शुभ मुहूर्त: सफलता के लिए चुनें सही समय
पंचांग के अनुसार आज कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं जो कार्यों में सिद्धि दिलाते हैं।
- अभिजीत मुहूर्त: यह दिन का सबसे शुभ समय है। यह सुबह 11:37 से दोपहर 12:30 तक रहेगा।
- विजय मुहूर्त: किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए दोपहर 02:14 से 03:07 का समय उत्तम है।
- ब्रह्म मुहूर्त: आध्यात्मिक साधना हेतु सुबह 03:58 से 04:46 तक का समय सबसे श्रेष्ठ है।
सावधान! आज के अशुभ समय में भूलकर भी न करें ये काम
ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल और यमगण्ड जैसे समय को टालने की सलाह दी जाती है।
- राहुकाल: आज सुबह 09:02 से 10:39 तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान नए काम न टालें।
- यमगण्ड: दोपहर 01:54 से 03:31 तक का समय भी मांगलिक कार्यों के लिए वर्जित है।
- गुलिक काल: सुबह 05:47 से 07:24 तक गुलिक काल प्रभावी रहेगा। इसे भी अशुभ माना जाता है।
ज्येष्ठ मास का प्रारंभ और आज के विशेष उपाय
आज से हिंदू कैलेंडर के तीसरे महीने ‘ज्येष्ठ’ का आगमन हो रहा है। यह महीना सूर्य और हनुमान जी की आराधना के लिए समर्पित है। आज शनिवार होने के कारण शनि देव की शांति के उपाय विशेष फलदायी होंगे। पीपल के पेड़ को जल अर्पित कर सात परिक्रमा करना शुभ रहेगा। शाम के समय शनि देव के सामने तिल के तेल का दीपक जलाना न भूलें। इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।


