Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर बिगुल बज चुका है। नामांकन प्रक्रिया के पहले ही दिन उम्मीदवारों में जबरदस्त उत्साह दिखा। पूरे प्रदेश में कुल 16,891 प्रत्याशियों ने अपने पर्चे दाखिल किए। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, मंडी जिला नामांकन के मामले में शीर्ष पर रहा। यहां चुनावी सरगर्मियां सबसे तेज हैं। आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
नामांकन से मतदान तक का पूरा चुनावी शेड्यूल
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के तहत नामांकन की प्रक्रिया 11 मई तक चलेगी। इसके बाद 12 मई को जमा किए गए सभी पत्रों की बारीकी से जांच होगी। जो उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ना चाहते, वे 15 मई तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान तीन चरणों में होगा। यह प्रक्रिया 26, 28 और 30 मई को पूरी की जाएगी। मतदाता सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक वोट डाल सकेंगे।
मंडी में रिकॉर्ड तोड़ नामांकन, लाहौल में सबसे कम
जिलावार आंकड़ों को देखें तो मंडी में सबसे ज्यादा 3731 नामांकन पत्र भरे गए। चंबा जिला 2067 नामांकनों के साथ दूसरे और ऊना 1892 के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भौगोलिक जटिलताओं के कारण लाहौल-स्पीति में सबसे कम 74 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा। सोलन में 1415, बिलासपुर में 1459 और हमीरपुर में 1572 नामांकन हुए। कुल्लू में 1383, कांगड़ा में 1407, सिरमौर में 917, शिमला में 784 और किन्नौर में 190 नामांकन दर्ज किए गए।
प्रशासनिक सतर्कता और चुनावी पारदर्शिता पर जोर
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार चुनावी प्रक्रिया को हाई-टेक और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। सभी चरणों में प्रशासनिक निगरानी के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। नामांकन केंद्रों पर वीडियोग्राफी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आयोग का लक्ष्य है कि बिना किसी विवाद के लोकतांत्रिक प्रक्रिया संपन्न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में वोटरों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।


