Haryana News: यमुनानगर पुलिस ने साढ़े 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पिछले दो साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी विक्रमजीत सिंह को पंजाब के पटियाला से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर ‘एग्री बिजनेस जोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से कंपनी चलाकर लोगों के पैसे दोगुने करने का झांसा देने का आरोप है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है।
दोगुने मुनाफे का लालच और साढ़े 12 लाख की चपत
ठगी का यह खेल निवेश के नाम पर शुरू हुआ था। मुख्य आरोपी विक्रमजीत सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को कंपनी के विभिन्न आकर्षक प्लान बताए थे। झांसे में आकर सुधीर कुमार नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर करीब 3.60 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा कर दिए। इसके बाद उन्होंने अपने कई परिचितों का पैसा भी इसी कंपनी में निवेश करवा दिया। कुल मिलाकर ठगों ने नौ लाख 26 हजार से अधिक की रकम ऐंठ ली।
शुरुआत में किश्तें दी और फिर बंद कर दी कंपनी
आरोपियों ने निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए शुरुआती कुछ दिनों तक किश्तें भेजी थीं। इससे लोगों को लगा कि उनका निवेश सुरक्षित है और उन्हें मुनाफा मिल रहा है। हालांकि, कुछ समय बाद ही किश्तें आनी बंद हो गई। जब निवेशकों ने कंपनी के एमडी विक्रमजीत और उनके पार्टनर कुलविंद्र सिंह से संपर्क किया, तो उन्होंने टालमटोल शुरू कर दी। बाद में आरोपियों ने किसी अज्ञात कारण का हवाला देते हुए कंपनी ही बंद कर दी।
पुलिस की रडार पर थे आरोपी, रिमांड के दौरान होंगे खुलासे
फर्कपुर थाना पुलिस ने सुधीर कुमार की शिकायत पर साल 2024 में केस दर्ज किया था। जांच अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी विक्रमजीत सिंह पटियाला के गुम्मन नगर का निवासी है और लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस अब इस मामले के अन्य आरोपियों और ठगी गई राशि की बरामदगी के लिए प्रयास कर रही है। रिमांड के दौरान आरोपी से कंपनी के अन्य बैंक खातों और सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
आम जनता के लिए पुलिस की कड़ी चेतावनी
इस मामले ने एक बार फिर फर्जी निवेश कंपनियों के बढ़ते जाल को उजागर किया है। यमुनानगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लुभावने ऑफर या कम समय में पैसा दोगुना करने वाली स्कीम के झांसे में न आएं। किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी कानूनी वैधता और पंजीकरण की जांच अवश्य करें। धोखाधड़ी का अंदेशा होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल को सूचना दें ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

