Uttar Pradesh News: लखनऊ के जन भवन में रविवार को बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार आखिरकार संपन्न हो गया। इस महत्वपूर्ण समारोह में कुल आठ प्रमुख नेताओं ने मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली। सरकार ने दो मौजूदा राज्य मंत्रियों का कद बढ़ाकर उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी। इसके अलावा दो नए चेहरों को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया। चुनाव से पहले यह फैसला काफी अहम है।
मिशन 2027 के लिए भाजपा का जातीय और क्षेत्रीय संतुलन
योगी सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की स्पष्ट कोशिश नजर आती है। भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर कई दिग्गज चेहरों को आगे किया है। इस अहम फेरबदल में पश्चिमी यूपी के कद्दावर जाट नेता भूपेंद्र चौधरी को भी अहम जगह मिली है। मुरादाबाद निवासी चौधरी लंबे वक्त तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। वह साल 2016 में विधान परिषद के सदस्य बने थे।
सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय को मिला बड़ा ईनाम
इस विस्तार में सबसे प्रमुख नाम ऊंचाहार के विधायक मनोज कुमार पांडेय का है। वह समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। पार्टी से बगावत के बाद उन्हें मंत्री पद का इनाम मिला है। उन्हें पूर्वांचल में भाजपा के बड़े ब्राह्मण चेहरे के रूप में देखा जाता है। कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश राजपूत को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। कैलाश कई दशकों से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
हंसराज विश्वकर्मा और दलित नेताओं का बढ़ा राजनीतिक कद
पिछड़ा वर्ग के मजबूत नेता हंसराज विश्वकर्मा ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। उन्होंने बूथ स्तर से सफर शुरू किया था। राम मंदिर आंदोलन में उनकी अहम भूमिका रही है। अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर को भी नई जिम्मेदारी मिली है। वह भाजपा के प्रमुख दलित युवा नेता हैं। खागा सीट की विधायक कृष्णा पासवान को भी जगह मिली है। वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से राजनीति में आई हैं।
सोमेंद्र तोमर और अजीतपाल सिंह को मिली अहम जिम्मेदारी
मेरठ दक्षिण सीट से विधायक सोमेंद्र तोमर का सरकार में कद बढ़ाया गया है। वह पहले से ऊर्जा विभाग संभाल रहे हैं। कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक अजीतपाल सिंह की जिम्मेदारियों में भी बड़ा विस्तार किया गया है। भाजपा ने इस नए मंत्रिमंडल विस्तार से पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक हर वर्ग को खुश करने का कड़ा प्रयास किया है। यह अहम कदम आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए काफी लाभदायक रहेगा।

