Haryana News: हरियाणा के रेवाड़ी स्थित काठुवास गांव में शुक्रवार को मातम छा गया। बाइस वर्षीय अंशु का शव ताबूत में घर पहुंचा। वह एमबीए की पढ़ाई करने रूस गया था। श्मशान घाट पर कटर मशीन से ताबूत खोला गया। भीतर शव के साथ रूसी सेना की वर्दी और जूते मिले। अंशु के पिता ने दलालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दलालों ने धोखे से अंशु को रूसी सेना में भर्ती करा दिया था।
पढ़ाई का सपना दिखाकर मौत के मोर्चे पर भेजा
अंशु के पिता राकेश कुमार परिवहन विभाग में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि अंशु अप्रैल दो हजार पच्चीस में स्टडी वीजा पर रूस गया था। उसने कुछ महीने कॉलेज में पढ़ाई की। इसके बाद वह दलालों के जाल में फंस गया। दलालों ने सितंबर महीने में उसे जबरदस्ती रूसी सेना में भर्ती करा दिया। अठारह अक्टूबर को अंशु ने आखिरी बार घर पर बात की थी। उसने बताया था कि उसे युद्ध के लिए यूक्रेन भेजा जा रहा है।
छह महीने तक बेटे की मौत से अनजान रहा परिवार
फोन पर आखिरी बातचीत के कुछ समय बाद ही अंशु की मौत हो गई थी। परिवार पूरे छह महीने तक इस दर्दनाक सच से अनजान रहा। दो अप्रैल को परिवार ने देश के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। इसके बाद चार अप्रैल को मॉस्को से पिता के पास फोन आया। उन्हें बताया गया कि अंशु की मौत हो चुकी है। सोलह अप्रैल को परिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर शव आने की सूचना मिली। शुक्रवार सुबह अंतिम संस्कार हुआ।
गांव में पसरा मातम, दलालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
अंशु अपनी मां के निधन के बाद घर में सबका लाडला था। पिता ने अपनी जमा पूंजी लगाकर उसे बड़ा आदमी बनने रूस भेजा था। बेटे की अर्थी देखकर पूरे गांव का कलेजा फट गया। अंशु के बड़े भाई मोहित ने नम आंखों से उसे मुखाग्नि दी। ग्रामीणों ने सरकार से दलालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि हरियाणा के सात अन्य युवा भी अभी रूस में लापता हैं।
विदेशी शिक्षा के नाम पर मासूम युवाओं से बड़ा धोखा
यह घटना विदेश में पढ़ाई करने जाने वाले छात्रों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। शिक्षा के नाम पर कई एजेंसियां मासूम युवाओं को अपना शिकार बना रही हैं। उन्हें सुनहरे भविष्य का लालच देकर खतरनाक युद्ध क्षेत्रों में धकेला जा रहा है। अंशु के मामले ने इन मानव तस्करों के पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर दिया है। प्रशासन अब मामले की गहराई से जांच कर रहा है। लोगों को ऐसे एजेंटों से सावधान रहने की जरूरत है।
