13 अप्रैल: विज्ञान भवन में पीएम मोदी का ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधन, महिला आरक्षण पर क्या कहेंगे?

India News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अप्रैल, सोमवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर के ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे। पीएम सुबह 11 बजे इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। सरकार राष्ट्र निर्माण और शासन में महिलाओं की भागीदारी मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से रविवार को जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

विज्ञान भवन में सुबह 11 बजे होगा कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह लगभग 11 बजे विज्ञान भवन पहुंचेंगे। वे भारत के विकास पथ में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए अपना भाषण देंगे। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह सम्मेलन सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख महिला हस्तियों को एक मंच पर लाएगा।

‘विकसित भारत 2047’ में महिलाओं की भूमिका

यह आयोजन ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना में महिला नेतृत्व वाले विकास के महत्व को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। सम्मेलन पंचायतों में जमीनी स्तर के शासन से लेकर संसद तक, विभिन्न स्तरों पर महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित करेगा। कार्यक्रम निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अधिक समावेश की आवश्यकता पर भी जोर देगा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जोर

अधिकारियों ने बताया कि यह सम्मेलन सितंबर 2023 में संसद द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के कार्यान्वयन को उजागर करने का मंच होगा। यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण सुनिश्चित करता है। विज्ञप्ति के अनुसार, यह विधायी निकायों में लैंगिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

देशभर में महिला आरक्षण के कार्यान्वयन पर चर्चा

सम्मेलन का उद्देश्य देश भर में महिला आरक्षण के कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना है। सरकार भारत के भविष्य को आकार देने में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी। यह आयोजन विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा लाए गए बदलावों को भी प्रदर्शित करेगा।

संसद के विशेष सत्र से पहले सम्मेलन

यह कार्यक्रम 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र से कुछ ही दिन पहले हो रहा है। उस सत्र में अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने पर चर्चा प्रमुखता से होने की उम्मीद है। सम्मेलन महिला नेतृत्व वाले विकास को 2047 तक एक विकसित भारत के दीर्घकालिक लक्ष्य का केंद्रीय स्तंभ बताएगा। सरकार का दृष्टिकोण यही है कि महिलाएं हर क्षेत्र में बदलाव की अगुआई कर रही हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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