पत्रकारों पर बुरी तरह भड़के CM हिमंत सरमा, योगी आदित्यनाथ का नाम लेकर नेशनल मीडिया को दी खुली चेतावनी

Assam News: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राष्ट्रीय मीडिया के पत्रकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पत्रकारों के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सीएम सरमा ने इंटरव्यू में अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और नेता देवेंद्र फडणवीस का खास जिक्र किया। सरमा ने पूछा कि क्या पत्रकार उनके पीछे भी इसी तरह भागते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद का हमेशा सम्मान होना चाहिए।

सम्मान के साथ पेश आने की दी सख्त हिदायत

एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में सरमा ने खुलकर बात की। उनसे पत्रकारों को धमकाने को लेकर सीधा सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने मीडिया को मर्यादा में रहने की नसीहत दी। उनका मानना है कि पत्रकारों को मुख्यमंत्री के साथ पूरी इज्जत से पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह असम की जनता का गौरव साथ लेकर चलते हैं। किसी का अचानक माइक लेकर उनके पास आना उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं है।

छोटे राज्य का नेता समझकर बर्ताव करने पर आपत्ति

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय चैनलों के रवैये पर अपनी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मीडिया उन्हें छोटे राज्य का नेता समझता है। वे सोचते हैं कि दिल्ली के बड़े पत्रकार उनके साथ कैसा भी व्यवहार कर सकते हैं। सरमा ने इस मानसिकता को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मीडिया को उन्हें पूरा सम्मान देना चाहिए। असम के मुख्यमंत्री के पद को कभी भी इस तरह हल्का नहीं समझना चाहिए।

अपॉइंटमेंट लेकर सवाल पूछने की दी खुली चुनौती

हिमंत बिस्वा सरमा ने इंटरव्यू के लिए एक साफ नियम बताया है। उन्होंने कहा कि पत्रकार पहले से अपॉइंटमेंट लेकर उनसे आराम से मिलें। वह बैठकर पत्रकारों को चाय पिलाएंगे और हर मुश्किल सवाल का जवाब देंगे। पत्रकार उनसे कितने भी चुभने वाले सवाल पूछ सकते हैं। वे घंटों तक बैठकर चर्चा करने को बिल्कुल तैयार हैं। लेकिन अचानक आकर जबरदस्ती माइक लगाने की आदत का वह हमेशा कड़ा विरोध करते हैं।

योगी और सिद्धारमैया का उदाहरण देकर घेरा

असम के सीएम ने अन्य मुख्यमंत्रियों का सटीक उदाहरण दिया। उन्होंने पूछा कि क्या मीडियाकर्मी योगी आदित्यनाथ के पीछे भाग सकते हैं। उन्होंने कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया का भी जिक्र किया। पत्रकार कभी भी इन बड़े नेताओं के पीछे माइक लेकर नहीं दौड़ते हैं। सरमा ने कहा कि यह भेदभाव भरा रवैया उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं है। उन्होंने चुनाव के दौरान दो पत्रकारों को कानूनी भाषा में सख्त चेतावनी देने की बात स्वीकारी है।

रैली के बाद सवालों का जवाब देने का किया दावा

सरमा ने पत्रकारों पर जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह हर चुनावी रैली के बाद मीडिया से बात करते हैं। लेकिन कुछ पत्रकार उस वक्त उनसे कोई सवाल नहीं पूछते। जब वह अपनी कार में बैठने लगते हैं, तब अचानक माइक आगे कर देते हैं। चुनाव के दौरान उनके दिमाग में जनता से जुड़ी बातें होती हैं। ऐसे समय में बेवजह दखल देना उन्हें बिल्कुल सही नहीं लगता।

अस्मिता पर चोट पहुंचने पर दिया जाएगा कड़ा जवाब

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें राष्ट्रीय टीवी पर जगह मिलने से खुशी होती है। लेकिन मीडिया को उनके साथ फालतू व्यक्ति जैसा बर्ताव बिल्कुल नहीं करना चाहिए। उन्होंने मीडिया से अपनी गरिमा और पद का सम्मान करने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपनी अस्मिता से कोई समझौता नहीं करेंगे। जब भी कोई उनकी अस्मिता पर चोट पहुंचाएगा, तो वह उसका मुंहतोड़ जवाब जरूर देंगे।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories