Education News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष कुल तिरानेबे दशमलव सात शून्य प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं। छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर पर चेक कर सकते हैं। छात्राओं ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए छात्रों को पीछे छोड़ दिया है। लड़कियों का पास प्रतिशत चौरानवे दशमलव नौ नौ रहा है। वहीं, लड़कों का पास प्रतिशत बानवे दशमलव छह नौ दर्ज किया गया है।
दक्षिण भारतीय क्षेत्रों का शानदार प्रदर्शन
इस साल के परिणाम में दक्षिण भारत के क्षेत्रों ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा क्षेत्र का पास प्रतिशत निन्यानवे दशमलव सात नौ रहा है। इसके साथ ही चेन्नई ने भी निन्यानवे दशमलव पांच आठ प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है। दिल्ली क्षेत्र का कुल पास प्रतिशत सतानवे दशमलव तीन आठ दर्ज किया गया। दूसरी तरफ गुवाहाटी क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे कम यानी पिचासी दशमलव तीन दो प्रतिशत ही रहा।
केंद्रीय विद्यालयों ने लहराया परचम
स्कूलों के प्रदर्शन की बात करें तो केंद्रीय विद्यालयों का रिजल्ट सबसे शानदार रहा है। केंद्रीय विद्यालयों में निन्यानवे दशमलव पांच सात प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं। जवाहर नवोदय विद्यालय भी निन्यानवे दशमलव चार दो प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं। निजी स्कूलों का पास प्रतिशत तिरानेबे दशमलव सात सात प्रतिशत रहा। जबकि सरकारी स्कूलों में इक्यानवे दशमलव चार तीन प्रतिशत विद्यार्थियों ने दसवीं की परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है।
लाखों छात्रों ने हासिल किए शानदार अंक
इस साल दसवीं की परीक्षा में लाखों छात्रों ने बहुत अच्छे अंक हासिल किए हैं। पूरे देश में पचपन हजार तीन सौ अड़सठ छात्रों ने पचानवे प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त किए हैं। वहीं दो लाख इक्कीस हजार से ज्यादा छात्रों ने नब्बे प्रतिशत से अधिक अंक स्कोर किए हैं। परीक्षा में करीब चौबीस लाख इकहत्तर हजार से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें से तेईस लाख से अधिक छात्रों ने यह परीक्षा पास कर ली है।
इस साल से लागू हुई दो-परीक्षा प्रणाली
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बोर्ड ने इस साल से बड़ा बदलाव किया है। अब कक्षा दसवीं के लिए दो-परीक्षा प्रणाली शुरू कर दी गई है। इसके तहत पहली परीक्षा के नतीजे जारी हो चुके हैं। दूसरी परीक्षा का आयोजन मई महीने में किया जाएगा। जो छात्र अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं, वे दूसरी परीक्षा दे सकते हैं। बोर्ड दोनों परीक्षाओं में से सबसे अच्छे स्कोर को ही अंतिम परिणाम के रूप में मानेगा।
कंपार्टमेंट वाले छात्रों के लिए क्या है विकल्प
इस वर्ष एक लाख सैंतालीस हजार से ज्यादा छात्रों को कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा गया है। यह कुल छात्रों का लगभग पांच दशमलव नौ पांच प्रतिशत है। ऐसे छात्रों को निराश होने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। बोर्ड इन्हें अपने प्रदर्शन में सुधार करने का एक और मौका देगा। छात्र गुरुवार से अगले प्रयास के लिए अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सीबीएसई की वेबसाइट पर आवेदन खिड़की पांच दिनों तक खुली रहेगी।
वेबसाइट पर रिजल्ट चेक करने का तरीका
परिणाम जारी होने के बाद छात्र वेबसाइट पर जाकर अपनी मार्कशीट देख सकते हैं। इसके लिए बहुत ही सरल और आसान प्रक्रिया बनाई गई है। आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं:
- सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट results.cbse.nic.in पर जाएं।
- होमपेज पर दसवीं के रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
- अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी डालें।
- सबमिट करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।
डिजिलॉकर से मार्कशीट डाउनलोड करने की सुविधा
छात्र अपना रिजल्ट डिजिलॉकर ऐप या वेबसाइट पर भी आसानी से देख सकते हैं। आप अपने आधार नंबर और अपार आईडी के जरिए लॉग इन कर सकते हैं। जिन छात्रों के पास अपार आईडी नहीं है, वे स्कूल से मिले पिन का उपयोग कर सकते हैं। डिजिलॉकर पर मार्कशीट के अलावा माइग्रेशन सर्टिफिकेट और स्किल सर्टिफिकेट भी उपलब्ध होते हैं। यह मार्कशीट पूरी तरह से मान्य होती है और एडमिशन में काम आती है।
उमंग ऐप और आईवीआरएस से भी जानें नतीजे
इंटरनेट की समस्या होने पर छात्र उमंग ऐप का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इस ऐप पर रोल नंबर और जन्म तिथि डालकर स्कोरकार्ड देखा जा सकता है। इसके अलावा बोर्ड ने एक खास टेलीफोन नंबर भी जारी किया है। छात्र आईवीआरएस सिस्टम के जरिए कॉल करके भी अपना रिजल्ट सुन सकते हैं। दिल्ली के छात्र सीधे नंबर पर कॉल कर सकते हैं। बाकी राज्यों के छात्रों को एसटीडी कोड लगाकर कॉल करना होगा।
विदेशी स्कूलों और विशेष छात्रों का शानदार प्रदर्शन
विदेशों में चल रहे सीबीएसई स्कूलों के छात्रों ने भी बेहतरीन नतीजे दिए हैं। विदेशी स्कूलों का कुल पास प्रतिशत निन्यानवे दशमलव एक शून्य प्रतिशत रहा है। इसके साथ ही विशेष आवश्यकता वाले छात्रों ने भी शानदार सफलता हासिल की है। इन बच्चों का पास प्रतिशत छियानवे दशमलव दो चार प्रतिशत दर्ज किया गया है। इस श्रेणी के इक्यानवे छात्रों ने पचानवे प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर अपनी अद्भुत प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है।
मूल्यांकन प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी हुई
इस वर्ष बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम बहुत तेजी से किया। बोर्ड ने लगभग एक करोड़ साठ लाख कॉपियों की जांच रिकॉर्ड समय में पूरी की। इसी वजह से परिणाम सामान्य से एक महीने पहले ही घोषित हो गए हैं। बोर्ड ने छात्रों के बीच गैर-जरूरी प्रतिस्पर्धा रोकने के लिए मेरिट लिस्ट जारी नहीं की है। बोर्ड सिर्फ विषयों में सबसे अधिक अंक पाने वाले छात्रों को ही मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान करेगा।
पश्चिम एशिया के छात्रों का परिणाम भी जारी
पश्चिम एशिया के संकटग्रस्त क्षेत्रों के छात्रों का परिणाम भी घोषित कर दिया गया है। वहां के कुछ स्कूलों में खराब हालात के कारण परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। बोर्ड ने ऐसे छात्रों के लिए एक खास वैकल्पिक मूल्यांकन नीति तैयार की थी। निष्पक्षता और समानता सुनिश्चित करने के लिए इन छात्रों का रिजल्ट भी साथ ही निकाला गया है। इससे इन क्षेत्रों के बच्चों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में काफी मदद मिलेगी।
