Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी और बोर्ड स्कूलों में अब एक समान फीस प्रणाली लागू होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग में एक बड़ा बदलाव करते हुए यह अहम फैसला लिया है। अब कोई भी स्कूल छात्रों से अलग-अलग फीस नहीं वसूल सकेगा। मुख्यमंत्री ने रिकांगपिओ में आयोजित राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसके सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस बड़े फैसले से लाखों अभिभावकों को भारी राहत मिलेगी।
मीडिया की खबर का हुआ बड़ा असर
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब मीडिया ने स्कूलों की मनमानी और फीस में भारी अंतर को उजागर किया। एक समाचार पत्र ने सरकारी स्कूलों की फीस में एकरूपता न होने का मुद्दा उठाया था। रिपोर्ट में साफ बताया गया था कि कैसे अलग-अलग स्कूल छात्रों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसी खबर का संज्ञान लेते हुए इस विसंगति को तुरंत दूर करने का आदेश दिया है। अब शिक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाई जाएगी।
सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूलों में भी था भ्रम
राज्य सरकार ने हाल ही में 155 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया था। इन चयनित स्कूलों में भी फीस की संरचना को लेकर काफी संशय बना हुआ था। शिक्षा बोर्ड और शिक्षा निदेशालय ने फीस वसूली के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं बनाए थे। इसके कारण जमीनी स्तर पर नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा था। अब नए आदेश के बाद इन सभी सीबीएसई स्कूलों में भी एक समान फीस नियम लागू होंगे।
कंप्यूटर और मासिक शुल्क में भारी मनमानी
प्रदेश के कई स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर भारी विसंगति चल रही थी। कुछ स्कूल बच्चों से हर महीने 120 रुपये वसूल रहे थे। अन्य जगहों पर यह शिक्षा मुफ्त थी। इसी तरह नवीं और दसवीं के छात्रों से कुछ स्कूलों में 24 रुपये तो कुछ में 70 रुपये तक मासिक फीस ली जा रही थी। ग्यारहवीं और बारहवीं की फीस में भी भारी अंतर था। अब नए सख्त निर्देशों से इस पूरी मनमानी पर तुरंत रोक लगेगी।
