Business News: अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी को CareEdge-ESG के मूल्यांकन में भारतीय कंपनियों में सबसे अधिक ESG स्कोर मिला है। AGEL ने 87.3 के कुल स्कोर के साथ ‘CareEdge-ESG 1+’ रेटिंग हासिल की है।
सेबी में रजिस्टर्ड एजेंसी ने जारी की यह रेटिंग
यह रेटिंग सेबी (SEBI) में पंजीकृत ESG रेटिंग प्रदाता, CARE ESG रेटिंग्स लिमिटेड द्वारा जारी की गई है। मूल्यांकन के अनुसार AGEL ने सस्टेनेबिलिटी प्रदर्शन के मामले में अपने सेक्टर की दूसरी कंपनियों के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। रिपोर्ट में कंपनी के शासन मानकों, जलवायु रणनीति और पारदर्शिता की सराहना की गई है।
गवर्नेंस, जलवायु रणनीति और पारदर्शिता की सराहना
CareEdge-ESG के इस रिव्यू में AGEL के बेहतरीन गवर्नेंस स्टैंडर्ड, क्लाइमेट स्ट्रैटेजी, संसाधनों के सही उपयोग और पारदर्शिता की जमकर तारीफ की गई है। कंपनी के मजबूत डिस्क्लोजर और बोर्ड स्तर पर प्रभावी निगरानी तंत्र को भी सराहा गया है। यह रिव्यू पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) से जुड़े जोखिमों के विस्तृत विश्लेषण पर आधारित है।
जलवायु, जल, अपशिष्ट और जैव विविधता में शानदार प्रदर्शन
AGEL को क्लाइमेट रिस्क मैनेजमेंट, वॉटर स्टीवर्डशिप, वेस्ट मैनेजमेंट, बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन और गवर्नेंस के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन के लिए यह पहचान मिली है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने अपनी नीतियों और मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए पर्यावरणीय और सामाजिक जोखिमों को संभालने के लिए एक संरचित दृष्टिकोण अपनाया है।
अडाणी ग्रुप में ESG सिद्धांतों की ओर बड़ा बदलाव
यह उपलब्धि अडाणी ग्रुप के भीतर सस्टेनेबिलिटी की ओर बढ़ते बड़े बदलाव को भी दर्शाती है। ग्रुप अब अपने रिन्यूएबल एनर्जी, पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और यूटिलिटीज जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में ESG सिद्धांतों को तेजी से लागू कर रहा है। यह नजरिया ग्रुप के गवर्नेंस फ्रेमवर्क, रिस्क मैनेजमेंट और दीर्घकालिक पूंजी आवंटन को भी प्रभावित कर रहा है।
रेटिंग से मजबूत होगी निवेशकों के बीच साख, जुटाने में मिलेगी मदद
माना जा रहा है कि इस नई रेटिंग से निवेशकों और कर्जदाताओं के बीच AGEL की साख और मजबूत होगी। आज के दौर में फंडिंग के लिए सस्टेनेबिलिटी परफॉर्मेंस एक अहम पैमाना बन गया है। यह रेटिंग कंपनी को भविष्य के बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए सस्टेनेबल और ट्रांजिशन-लिंक्ड कैपिटल जुटाने में भी मदद करेगी।
