Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली एक हफ्ते की ट्रांजिट बेल पर बुधवार को रोक लगा दी। यह बेल असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर कई पासपोर्ट रखने का आरोप लगाने के मामले में दी गई थी। कोर्ट ने इस मामले में खेड़ा को नोटिस जारी किया है।
तीन हफ्ते के अंदर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की पीठ ने पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने उनसे तीन हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है। यह नोटिस असम सरकार की उस याचिका पर जारी हुआ है, जिसमें तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी।
असम सरकार ने तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती
असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर तेलंगाना हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम (ट्रांजिट) बेल दे दी थी। यह बेल उन्हें असम में संभावित गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान करती थी। सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार की याचिका को स्वीकार कर लिया।
हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगाए थे आरोप
पवन खेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होंने कथित तौर पर उनपर कई पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था। इस मामले में असम में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद खेड़ा ने तेलंगाना हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया- असम में बेल के लिए आवेदन कर सकते हैं खेड़ा
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में एक राहत भी दी है। पीठ ने कहा कि अगर पवन खेड़ा असम में अग्रिम बेल के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो आज का आदेश उनके आड़े नहीं आएगा। इससे खेड़ा को असम की किसी अदालत में जाकर नियमित जमानत या अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करने का रास्ता साफ हो गया है।
