Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह थी कि इसने देखते ही देखते चार मंजिलों के छह फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार की सुबह जब लोग अपने घरों में दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक सोसायटी की एक इमारत से आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और चार अलग-अलग फ्लोर के छह फ्लैटों को बुरी तरह जलाकर खाक कर दिया। आसमान में उठता काला धुआं इतना घना था कि उसे घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर तक साफ देखा जा सकता था। पूरी सोसायटी में चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया।
सीएम योगी का कड़ा रुख और राहत कार्य के निर्देश
हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश जारी किए। उन्होंने गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी (DM) को तत्काल खुद मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने को कहा। सीएम ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाई जाए। प्रशासन को आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं।
दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत से पाया काबू
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों और ऊंची इमारत होने के कारण अग्निशमन कर्मियों को शुरुआत में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, कड़ी मशक्कत के बाद दमकल की टीमों ने आग पर काबू पा लिया और इसे पूरी इमारत में फैलने से रोक दिया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में अभी तक किसी के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, सभी निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
एसी में शॉर्ट सर्किट हो सकता है आग का कारण
शुरुआती जांच और स्थानीय निवासियों के बयानों के आधार पर आग लगने का प्राथमिक कारण एयर कंडीशनर (AC) में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। भीषण गर्मी के चलते एसी पर बढ़ते लोड और पुरानी वायरिंग की वजह से हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे तकनीकी जांच के बाद ही आग लगने के असली कारणों की आधिकारिक पुष्टि करेंगे। फिलहाल, नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
सोसायटियों में फायर सेफ्टी पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ऊंची इमारतों और सोसायटियों में फायर सेफ्टी उपकरणों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में बचाव के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे। मुख्यमंत्री के दखल के बाद अब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और फायर विभाग जिले की अन्य बहुमंजिला इमारतों में भी सुरक्षा मानकों की जांच कर सकता है। प्रभावित फ्लैटों के निवासी अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और भारी वित्तीय नुकसान की आशंका जता रहे हैं।


