Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। बकेवर थाना क्षेत्र के सराय मिट्ठे के पास सोमवार को एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवक को टक्कर मारने के बाद करीब दो किलोमीटर तक सड़क पर घसीटा। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में औरैया निवासी बीएड डिग्री धारक महेंद्र सिंह दोहरे की इलाज के दौरान सैफई में मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में कार सवार बैंक मैनेजर और ललितपुर में तैनात एक हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है।
होमगार्ड भर्ती परीक्षा देकर लौट रहा था होनहार बेटा
औरैया जिले के जेतापुर कोतवाली निवासी 30 वर्षीय महेंद्र सिंह दोहरे अपने गरीब पिता का सहारा बनने का सपना देख रहा था। सोमवार को वह इटावा में होमगार्ड भर्ती की पहली पाली की परीक्षा देकर अपनी बाइक से घर लौट रहा था। जैसे ही वह बकेवर के गोमती पेट्रोल पंप के पास पहुंचा, पीछे से आ रही एक अनियंत्रित कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद महेंद्र कार के निचले हिस्से में बुरी तरह फंस गया, लेकिन कार सवारों का दिल नहीं पसीजा।
2 किलोमीटर तक सड़क पर रगड़ता रहा शरीर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि कार चालक ने रुकने के बजाय वाहन की रफ्तार और बढ़ा दी। युवक कार के नीचे फंसा हुआ चीखता रहा, लेकिन चालक उसे करीब दो किलोमीटर तक बेरहमी से घसीटता हुआ ले गया। इस क्रूरता के कारण युवक का शरीर पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। सराय मिट्ठे के पास जब ग्रामीणों और पुलिस ने घेराबंदी की, तब जाकर कार रुकी। सड़क पर खून के निशान हैवानियत की गवाही दे रहे थे।
बहादुर सिपाही को भी कार से कुचलने की कोशिश
हाइवे पर ड्यूटी कर रहे बकेवर थाने के सिपाही प्रवीण सिंह ने जब युवक को कार के नीचे घिसटते देखा, तो उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए कार को रोकने का प्रयास किया। पकड़े जाने के डर से कार सवारों ने सिपाही पर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, जिससे प्रवीण भी चोटिल हो गए। हालांकि, सिपाही ने हिम्मत नहीं हारी और तुरंत थाने को सूचना देकर अन्य पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपियों को दबोच लिया। घायल महेंद्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
मजदूर पिता का सपना टूटा, परिवार में मातम
महेंद्र सिंह अपने परिवार का होनहार बेटा था। उसके पिता वीरेंद्र सिंह मजदूरी करके उसे पढ़ा रहे थे। बीएड करने के बाद महेंद्र लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था ताकि अपने परिवार की गरीबी दूर कर सके। चार भाई-बहनों में वह दूसरे नंबर पर था। उसकी मौत की खबर मिलते ही मां रामकली देवी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस जघन्य घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।
बैंक मैनेजर और हेड कांस्टेबल गिरफ्तार
बकेवर थाना प्रभारी विपिन मलिक ने बताया कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। कार चलाने वाले आरोपी राहुल तोमर, जो बैंक मैनेजर है, और उसके दोस्त अभिषेक सिंह चौहान को हिरासत में लिया गया है। अभिषेक सिंह ललितपुर में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। पुलिस ने दोनों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया है। एक जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों द्वारा की गई इस हैवानियत ने प्रशासनिक गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया है।
हाईवे पर सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं पर सवाल
इस घटना ने नेशनल हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और समाज में मरती मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर कार सवार चाहते तो टक्कर के बाद महेंद्र को बचा सकते थे, लेकिन उन्होंने खुद को बचाने के लिए एक मासूम की जान ले ली। पुलिस प्रशासन अब आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। सिपाही प्रवीण सिंह की बहादुरी की भी क्षेत्र में चर्चा हो रही है।


