Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्तों पर जल्द ही पर्यावरण अनुकूल ई-बसें फर्राटा भरती नजर आएंगी। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) ने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियां तेज कर दी हैं। कंपनी ने पहले चरण के तहत 10 बसों का ट्रायल सफलतापूर्वक शुरू कर दिया है। वर्तमान में सोलन, हमीरपुर, कांगड़ा और राजधानी शिमला की सड़कों पर इन बसों की मजबूती जांची जा रही है। ट्रायल के सफल होते ही पूरे प्रदेश के यात्रियों को प्रदूषण मुक्त सफर की सुविधा मिलेगी।
सोलन पहुंची 25 नई बसें, ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक से हो रही है खरीदारी
परिवहन बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए सोलन में 25 नई ई-बसें पहुंच चुकी हैं। इन बसों को फिलहाल पार्किंग में सुरक्षित रखा गया है। एचआरटीसी प्रशासन का कहना है कि तकनीकी परीक्षण और ट्रायल पूरा होने के बाद ही इनकी आधिकारिक डिलिवरी ली जाएगी। ये सभी बसें मशहूर कंपनी ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक से खरीदी जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य परिवहन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। नई बसों के आने से निगम की कार्यक्षमता में काफी सुधार होने की उम्मीद है।
तकनीकी सुधारों के बाद दोबारा शुरू हुआ सड़कों पर परीक्षण
पुरानी बसों में आई कुछ तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद अब इनका पुन: परीक्षण किया जा रहा है। ट्रायल के दौरान बसों की बैटरी क्षमता, चार्जिंग समय और पहाड़ी चढ़ाई पर उनकी पकड़ का बारीकी से निरीक्षण हो रहा है। यदि यह ट्रायल मानकों पर खरा उतरता है, तो प्रदेश में कुल 297 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि निगम को डीजल के बढ़ते खर्चों से भी बड़ी राहत मिल सकेगी।
एचआरटीसी उपाध्यक्ष का बड़ा बयान: गुणवत्ता से नहीं होगा कोई समझौता
एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने ई-बसों के संचालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। केवल ट्रायल में पूरी तरह सफल होने वाली बसों को ही सड़कों पर उतारा जाएगा। उपाध्यक्ष ने कहा कि तकनीकी टीम हर बस की बारीकी से जांच कर रही है। ट्रायल सफल होने के बाद ही इन बसों को नियमित रूटों पर चलाने के लिए हरी झंडी दी जाएगी।

