क्या हर साल फुल बॉडी चेकअप करवाना वाकई जरूरी है? जानें क्या कहते हैं एशियन हॉस्पिटल के एक्सपर्ट

Health and Lifestyle News: आधुनिक जीवनशैली में बीमारियों के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए फुल बॉडी चेकअप आज एक लोकप्रिय ट्रेंड बन चुका है। हेल्थ पैकेजों और विज्ञापनों के बीच अक्सर लोग भ्रमित रहते हैं कि क्या हर साल महंगी जांचें करवाना अनिवार्य है? एशियन हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. सुनील राणा के अनुसार, मेडिकल टेस्ट का निर्णय व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति पर आधारित होना चाहिए। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अच्छी है, लेकिन बिना विशेषज्ञ की सलाह के कराए गए अनावश्यक टेस्ट केवल आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव का कारण बनते हैं।

30 की उम्र पार करने वालों के लिए क्यों जरूरी है जांच

डॉ. सुनील राणा स्पष्ट करते हैं कि 30 से 35 वर्ष की आयु के बाद शरीर में चयापचय संबंधी बदलाव शुरू हो जाते हैं। जो लोग ऑफिस में डेस्क जॉब करते हैं या जिनकी जीवनशैली शारीरिक गतिविधियों से दूर है, उनके लिए साल में एक बार जांच कराना सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। इसके अलावा, यदि आपके परिवार में मधुमेह, उच्च रक्तचाप या हृदय रोगों का इतिहास रहा है, तो नियमित अंतराल पर चेकअप करवाना आपके लिए अनिवार्य हो जाता है। इससे भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

किन परिस्थितियों में हर साल चेकअप की आवश्यकता नहीं

हर स्वस्थ व्यक्ति को सालाना फुल बॉडी चेकअप की आवश्यकता नहीं होती है। डॉ. राणा के मुताबिक, यदि आपकी उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है और आप एक सक्रिय जीवनशैली का पालन कर रहे हैं, तो आप 2-3 साल में एक बार बुनियादी जांच करवा सकते हैं। कम उम्र में बिना किसी लक्षण या पारिवारिक इतिहास के महंगे टेस्ट करवाना व्यावहारिक नहीं है। अनावश्यक जांचों से कभी-कभी ‘फॉल्स पॉजिटिव’ परिणाम आने का खतरा रहता है, जो व्यक्ति को व्यर्थ में चिंता और दवाओं के चक्रव्यूह में डाल सकते हैं।

फुल बॉडी चेकअप में शामिल महत्वपूर्ण टेस्ट और प्रक्रिया

एक मानक फुल बॉडी चेकअप के दौरान आमतौर पर रक्त और मूत्र की विस्तृत जांच की जाती है। इसमें लिवर फंक्शन (LFT), किडनी फंक्शन (KFT), ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल और थायराइड जैसे महत्वपूर्ण पैरामीटर शामिल होते हैं। कुछ विशेष मामलों में डॉक्टर ईसीजी (ECG) या छाती के एक्स-रे की भी सलाह देते हैं। हालांकि, डॉ. सुनील राणा जोर देकर कहते हैं कि चेकअप की सूची हर व्यक्ति के लिए अलग होनी चाहिए। एक युवा एथलीट और एक मध्यम आयु वर्ग के व्यक्ति के लिए जांच के मानक कभी एक समान नहीं हो सकते।

उम्र के अनुसार तय करें अपने हेल्थ चेकअप का अंतराल

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, 30 वर्ष की आयु के बाद हर एक से दो साल में बेसिक प्रोफाइल चेक करवाना एक समझदारी भरा कदम है। जैसे ही आप 40 की दहलीज पार करते हैं, सालाना चेकअप अधिक फायदेमंद साबित होता है, क्योंकि इस उम्र में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। जिन व्यक्तियों को पहले से ही कोई क्रॉनिक बीमारी है, उन्हें अपने डॉक्टर के निर्देशानुसार बार-बार जांच करवानी चाहिए। याद रखें कि स्वास्थ्य परीक्षण का उद्देश्य बीमारी से बचाव है, न कि केवल लैब रिपोर्ट्स का संग्रह करना।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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