Himachal News: हिमाचल प्रदेश चुनाव में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। सुजानपुर सीट से घोषित कांग्रेस प्रत्याशी ने पार्टी का टिकट वापस कर दिया है। उन्होंने अब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इस फैसले ने राज्य की राजनीति में तेज हलचल पैदा कर दी है। हमीरपुर जिले की सुजानपुर सीट पर अब मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस के लिए इस बगावत को संभालना मुश्किल चुनौती है।
कांग्रेस नेतृत्व से प्रत्याशी की गहरी नाराजगी
सुजानपुर से टिकट मिलने पर भी उम्मीदवार ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। वह पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यप्रणाली से नाराज चल रहे थे। उन्होंने अपनी शिकायतों को आलाकमान के सामने भी रखा था। सही समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने टिकट लौटाने का सीधा कदम उठाया। अब वह सीधे जनता के बीच जाकर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। उनके तमाम समर्थक भी इस बड़े फैसले के साथ पूरी ताकत से खड़े दिखाई दे रहे हैं।
हमीरपुर जिले में बिगड़ेंगे पार्टी के समीकरण
प्रत्याशी के निर्दलीय उतरने से कांग्रेस के वोट बैंक में सेंधमारी तय मानी जा रही है। सुजानपुर क्षेत्र में इस नेता की जनता के बीच मजबूत जमीनी पकड़ है। उनके बागी रुख का सीधा फायदा विपक्षी दल को चुनाव में मिल सकता है। पार्टी हाईकमान अब डैमेज कंट्रोल में पूरी तरह से जुट गया है। वरिष्ठ नेता बागी उम्मीदवार को मनाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उम्मीदवार अभी भी अपने कड़े फैसले पर पूरी तरह से अडिग हैं।
आगे की रणनीति और चुनाव पर सीधा असर
इस बगावत का असर केवल सुजानपुर सीट तक सीमित नहीं रहेगा। हमीरपुर जिले की अन्य विधानसभा सीटों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। पार्टी को अब इस सीट पर तुरंत एक नए और मजबूत चेहरे की तलाश करनी होगी। समय कम होने के कारण नया उम्मीदवार उतारना आलाकमान के लिए आसान काम नहीं होगा। राज्य की सत्ता का सपना देख रही कांग्रेस के लिए यह घटना किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
