Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां जल शक्ति विभाग के एक अधिकारी पर अपनी ताकत के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगा है। एक वायरल वीडियो ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। इस वीडियो में विभाग के चार छोटे कर्मचारी अधिकारी के खेत में गेहूं काटते नजर आ रहे हैं। नौकरी बचाने की मजबूरी में कर्मचारी अपने साहब के घर का काम करने को विवश हैं।
खेतों में काम करने को मजबूर सरकारी कर्मचारी
वायरल वीडियो सामने आने के बाद कई कर्मचारियों ने अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जल शक्ति विभाग के इन पीड़ित कर्मचारियों ने अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई है। उन्होंने बताया कि साहब अक्सर उनसे अपने निजी और घरेलू काम करवाते हैं। कर्मचारियों को कभी खेतों से घास काटने का सख्त आदेश मिलता है तो कभी उनसे गोबर उठवाया जाता है। हाल ही में इन कर्मियों से अधिकारी ने अपने खेत की पूरी गेहूं की फसल भी कटवाई है।
नौकरी से निकालने की धमकी और वेतन पर रोक
पीड़ित कर्मचारियों का दर्द सिर्फ यहीं खत्म नहीं होता है। उन्होंने आरोप लगाया है कि साहब का आदेश न मानने पर उन्हें सीधा नौकरी से निकालने की धमकी मिलती है। कर्मचारियों से हर दिन आठ घंटे से ज्यादा की कड़ी मेहनत करवाई जा रही है। उन्हें काम के लिए बीस से पच्चीस किलोमीटर दूर तक बुलाया जाता है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इन छोटे कर्मचारियों को कई महीनों से उनका वेतन तक नहीं मिला है।
आरोपों पर अधिकारी की सफाई और विभाग की चुप्पी
इस गंभीर मामले ने पूरे प्रशासनिक अमले पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विवाद बढ़ने पर आरोपी अधिकारी ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने इन सभी आरोपों को सिरे से बेबुनियाद बताया है। अधिकारी का कहना है कि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की गहरी साजिश रची जा रही है। उन्होंने किसी भी कर्मचारी से गेहूं कटवाने या घरेलू काम करवाने से साफ इनकार किया है। वहीं, विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।
