Uttar Pradesh News: जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सोमवार को इस हवाई अड्डे को कमर्शियल लॉन्च के लिए अंतिम सुरक्षा मंजूरी (ASP) मिल गई है। अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने परिचालन शुरू करने की औपचारिक अनुमति दे दी है। जून के पहले हफ्ते में यहां से पहली कमर्शियल उड़ान शुरू होने की पूरी संभावना है। इससे दिल्ली-एनसीआर की हवाई कनेक्टिविटी को एक नई मजबूती मिलेगी।
इंडिगो और एयर इंडिया जल्द शुरू करेंगे बुकिंग
एयरपोर्ट के लॉन्च पार्टनर के तौर पर इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर को चुना गया है। ये एयरलाइंस जल्द ही घरेलू गंतव्यों के लिए टिकटों की बिक्री शुरू कर सकती हैं। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जून का पहला सप्ताह विमानन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक होगा। नोएडा एयरपोर्ट जहां अपनी घरेलू सेवाएं शुरू करेगा, वहीं दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट वैश्विक स्तर का ट्रांजिट हब बनने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।
IGI एयरपोर्ट बनेगा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का हब
दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट अब दुबई और सिंगापुर की तर्ज पर ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल अपनाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को घरेलू उड़ानों में ट्रांसफर के दौरान बेहद सुगम अनुभव मिलेगा। एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय क्षमता को दो करोड़ से बढ़ाकर सवा तीन करोड़ करने की तैयारी है। इसके लिए टी-3 के नए हिस्से को अगले हफ्ते से चालू कर दिया जाएगा। साथ ही टी-1 और टी-3 के बीच यात्रियों के लिए विशेष ‘एयरसाइड ट्रांजिट’ सुविधा भी शुरू होगी।
विमानन क्षेत्र की मुश्किलों को दूर करने की पहल
केंद्र सरकार एयरलाइंस को मौजूदा वैश्विक तनाव और बढ़ती लागत से उबारने के लिए कई अहम कदम उठा रही है। विमानन मंत्रालय ने बड़े हवाई अड्डों के चार्ज में तीन महीने के लिए कटौती करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा घरेलू उड़ानों के लिए जेट फ्यूल की कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश जारी है। उड़ान (UDAN) योजना और इमरजेंसी क्रेडिट स्कीम के जरिए कंपनियों को वित्तीय राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा के हर मोर्चे पर खरा उतरा नोएडा एयरपोर्ट
नोएडा एयरपोर्ट को मिली एएसपी मंजूरी में सुरक्षा के सभी कड़े मानकों को शामिल किया गया है। इसमें विमान अपहरण रोकने के उपाय, प्रवेश द्वारों की सुरक्षा और कर्मचारियों की सघन पृष्ठभूमि जांच पूरी हो चुकी है। यह मंजूरी मिलना एयरपोर्ट के लिए सबसे बड़ी कानूनी बाधा पार करने जैसा है। इस प्रक्रिया के दौरान ही एयरपोर्ट बोर्ड ने नीतू समरा को अंतरिम सीईओ के रूप में नियुक्त करने का फैसला लिया है।
घरेलू उड़ानों से होगी शानदार शुरुआत
नोएडा एयरपोर्ट शुरुआत में केवल घरेलू उड़ानों के साथ अपना परिचालन शुरू करेगा। ठीक इसी मॉडल पर इससे पहले गोवा के मोपा और नवी मुंबई हवाई अड्डे का संचालन शुरू हुआ था। दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तौर पर यह दिल्ली के कार्यभार को काफी कम करेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के यात्रियों को अब दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का परिचालन शुरू होने से उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा। यह एयरपोर्ट न केवल यात्रियों को सुविधा देगा, बल्कि कार्गो हब के रूप में भी विकसित होगा। आधुनिक तकनीक और बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ यह देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल होने को तैयार है। स्थानीय प्रशासन ने एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी की योजना पर भी काम तेज कर दिया है।
