New Delhi News: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बेहद करीबी माने जाने वाले सलीम डोला को भारत डिपोर्ट कर लिया गया है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग से एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए उसे सुरक्षित वापस लाया है। फिलहाल उसे दिल्ली के एक गुप्त स्थान पर रखा गया है। वहां सुरक्षा एजेंसियां उससे कड़ी पूछताछ कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डोला की गिरफ्तारी से डी-कंपनी के छिपे हुए नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
इस्तांबुल के होटल से नाटकीय गिरफ्तारी
सलीम डोला को हाल ही में तुर्की के इस्तांबुल शहर से गिरफ्तार किया गया था। वह वहां के एक आलीशान होटल के कमरे में पहचान छिपाकर रुका हुआ था। गिरफ्तारी के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सुरक्षा बल उसे काबू करते दिख रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद कानूनी औपचारिकताओं को तेजी से पूरा किया गया। इसके तुरंत बाद उसे इस्तांबुल से भारत के लिए विशेष विमान के जरिए डिपोर्ट कर दिया गया।
विशेष विमान से लाया गया दिल्ली
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह सलीम डोला को लेकर एक विशेष विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। एयरपोर्ट पर पहले से ही खुफिया एजेंसियों की भारी सुरक्षा तैनात थी। विमान से उतरते ही उसे औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया गया। सूत्रों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ के बाद उसे मुंबई पुलिस के हवाले किया जाएगा। मुंबई ले जाकर उससे शहर में सक्रिय दाऊद के गुर्गों के बारे में गहन पूछताछ की जाएगी।
अंडरवर्ल्ड के नेटवर्क पर होगी बड़ी चोट
माना जा रहा है कि सलीम डोला दाऊद के सिंडिकेट का सबसे महत्वपूर्ण राजदार है। उससे पूछताछ के दौरान भारत में अंडरवर्ल्ड की फंडिंग और हवाला नेटवर्क के बारे में कई अहम सुराग मिल सकते हैं। मुंबई पुलिस भी उसके खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक मामलों की फाइलें खोल रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डोला उन लोगों के नाम भी उजागर करेगा जो विदेशों में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
मुंबई पुलिस की जांच का अगला कदम
सलीम डोला को मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सकती है। मुंबई में उसे सख्त सुरक्षा के बीच क्राइम ब्रांच के दफ्तर में रखा जाएगा। वहां दाऊद इब्राहिम के पुराने मामलों और हालिया धमकियों से जुड़े पहलुओं पर जांच होगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि हाल के वर्षों में सलीम डोला किन-किन देशों में रहा। उसे वहां से किन लोगों का वित्तीय और लॉजिस्टिक समर्थन मिल रहा था।
खुफिया एजेंसियों की बड़ी कामयाबी
इस पूरे मिशन को भारतीय खुफिया एजेंसियों की एक बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। विदेशों में छिपे अपराधियों को वापस लाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। सलीम डोला की वापसी से अंडरवर्ल्ड के बचे हुए गुर्गों में हड़कंप मच गया है। आने वाले दिनों में सुरक्षा एजेंसियां कुछ और चौंकाने वाले खुलासे कर सकती हैं। यह गिरफ्तारी डी-कंपनी की कमर तोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।
