महिला आरक्षण पर दिल्ली विधानसभा में महासंग्राम, क्या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का ‘मास्टरस्ट्रोक’ विपक्ष को कर देगा पस्त?

Delhi News: दिल्ली विधानसभा का आज एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान महिला आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा करेंगी। वे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर सदन में एक सरकारी संकल्प पेश करेंगी। सत्र की शुरुआत काफी हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है। विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्यवाही निर्बाध रूप से चल सके।

विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव की तैयारी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्र से पहले विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं लंबे समय से आरक्षण का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का समर्थन नहीं किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार विपक्ष का रुख पूरी तरह से महिला विरोधी रहा है। इसी के विरोध में सरकार सदन में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाने जा रही है। यह राजनीतिक गतिरोध अब और गहराता दिख रहा है।

सुरक्षा में सेंध के बाद ‘किलानुमा’ पहरा

हाल ही में दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध के कई मामले सामने आए थे। विधानसभा को ईमेल के जरिए कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिली थीं। एक गंभीर घटना में एक कार गेट तोड़कर परिसर के अंदर घुस गई थी। इसी को देखते हुए सोमवार को सुरक्षा की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की गई। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में सुरक्षा के नए और कड़े मानक तय किए गए हैं।

आठवीं विधानसभा के विशेष सत्र पर नजर

विधानसभा सचिव रंजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य सत्र को सुचारु बनाना था। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि परिसर के भीतर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो। विधानसभा के पांचवें विशेष सत्र के दौरान विधायकों की एंट्री के लिए भी सख्त जांच प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सुरक्षा चूक की किसी भी गुंजाइश को खत्म करने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

मेयर चुनाव के लिए 14 विधायक होंगे निर्णायक

एमसीडी में मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए बुधवार को चुनाव होना है। दिल्ली विधानसभा ने इस चुनाव के लिए चौदह विधायकों को नॉमिनेट किया है। ये विधायक चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जो काफी निर्णायक साबित हो सकता है। नॉमिनेट किए गए विधायकों में से ग्यारह भारतीय जनता पार्टी के हैं। वहीं केवल तीन विधायक आम आदमी पार्टी से चुने गए हैं। इससे बीजेपी की स्थिति फिलहाल काफी मजबूत नजर आ रही है।

सियासी गणित और चुनावी रणनीति

वर्तमान गणित को देखें तो एमसीडी मेयर चुनाव में बीजेपी का पलड़ा भारी दिख रहा है। हालांकि, दिल्ली की राजनीति में चुनावी रणनीति और अंतिम समय में होने वाले उलटफेर से इनकार नहीं किया जा सकता। इन नॉमिनेटेड सदस्यों का कार्यकाल लगभग एक साल का होगा, जो इस वित्त वर्ष के अंत तक प्रभावी रहेगा। विधानसभा ने नियमों के तहत इन नामों पर अपनी मुहर लगा दी है। अब सबकी नजरें बुधवार को होने वाले मतदान पर टिकी हैं।

महिला समाज के साथ विश्वासघात का आरोप

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि तेतीस प्रतिशत आरक्षण की उम्मीद थी लेकिन विपक्ष के कारण बाधा आई। उन्होंने इसे महिला समाज के साथ एक बड़ा विश्वासघात करार दिया है। सरकारी संकल्प के जरिए सत्ता पक्ष महिलाओं के अधिकारों की आवाज बुलंद करने की कोशिश करेगा। सत्र के दौरान महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विधायकों के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories